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गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग होगा खुले में शौच से मुक्त
Updated Sat, 03 Nov 2018 10:33 PM IST
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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग को पूर्ण रूप से ओडीएफ करने के लिए 17 किमी मार्ग पर 300 स्थायी शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इनका संरक्षण सुलभ के अधीन होगा। गुप्तकाशी, फाटा, सोनप्रयाग और गौरीकुंड में भी शौचालय और स्वच्छता के लिए ठोस इंतजाम किए जाएंगे। ये सभी कार्य केंद्र सरकार के प्रसाद-2 योजना में किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल केदारनाथ धाम को हर मायने में बेहतर किया जाएगा। दिव्यता और भव्यता के साथ यहां साफ-सफाई को लेकर भी ठोस इंतजाम पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत केंद्र सरकार की प्रसाद-दो योजना के तहत यात्रा पैदल मार्ग पर स्थायी शौचालय का निर्माण किया जाएगा, जिससे यात्राकाल में धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी। 17 किमी पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छॉनी कैंप, रुद्रा प्वाइंट के अलावा अन्य स्थानों पर भी शौचालय बनाए जाएंगे। साथ ही केदारनाथ में भी बायोडायजस्ट शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक बाजारों व कस्बों के साथ ही अन्य चिह्नित स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय/बाथरूम बनाए जाएंगे।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन होगा
केदारनाथ में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए भी कार्य किया जाएगा। यात्राकाल में पड़ावों व धाम में व्यापक मात्रा में अपशिष्ट एकत्रित हो जाता है, जिसका त्वरित निस्तारण नहीं हो पाता है। आगामी यात्राकाल में ठोस अपशिष्ट का समय-समय पर उचित निस्तारण के लिए धाम में कार्य किया जाएगा।
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बाबा केदार की यात्रा में पैदल मार्ग से धाम तक स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही कूड़ा-कचरा का भी प्रबंधन किया जाएगा। इसके लिए सचिव पर्यटन, उत्तराखंड शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिए गए हैं। - मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल केदारनाथ धाम को हर मायने में बेहतर किया जाएगा। दिव्यता और भव्यता के साथ यहां साफ-सफाई को लेकर भी ठोस इंतजाम पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत केंद्र सरकार की प्रसाद-दो योजना के तहत यात्रा पैदल मार्ग पर स्थायी शौचालय का निर्माण किया जाएगा, जिससे यात्राकाल में धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कोई समस्या नहीं होगी। 17 किमी पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी, भीमबली, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, छॉनी कैंप, रुद्रा प्वाइंट के अलावा अन्य स्थानों पर भी शौचालय बनाए जाएंगे। साथ ही केदारनाथ में भी बायोडायजस्ट शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक बाजारों व कस्बों के साथ ही अन्य चिह्नित स्थानों पर यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय/बाथरूम बनाए जाएंगे।
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन होगा
केदारनाथ में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के लिए भी कार्य किया जाएगा। यात्राकाल में पड़ावों व धाम में व्यापक मात्रा में अपशिष्ट एकत्रित हो जाता है, जिसका त्वरित निस्तारण नहीं हो पाता है। आगामी यात्राकाल में ठोस अपशिष्ट का समय-समय पर उचित निस्तारण के लिए धाम में कार्य किया जाएगा।
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बाबा केदार की यात्रा में पैदल मार्ग से धाम तक स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही कूड़ा-कचरा का भी प्रबंधन किया जाएगा। इसके लिए सचिव पर्यटन, उत्तराखंड शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिए गए हैं। - मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।