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ग्रामीणों ने नगर पंचायत में शामिल करने का किया विरोध
Updated Fri, 23 Mar 2018 10:44 PM IST
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रुद्रप्रयाग। गीड़ भुतेर, रामपुर, गीड़ बर्सिल गांव के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर उन्हें नगर पंचायत तिलवाड़ा में शामिल नहीं करने की मांग की। कहना था कि गांवों में 65 प्रतिशत परिवार खेती पर निर्भर है। ऐसे में उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है, लेकिन नगर पंचायत में शामिल होने से उन्हें बिजली, पानी का बिल जहां अधिक देना पड़ेगा। वहीं, कई योजनाओं से वंचित हो जाएंगे।
कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल से बात की। डीएम ने कृषि अधिकारी से पूछा कि क्या गांव के नगर पंचायत में तब्दील हो जाने पर कृषि ऋण नहीं दिया जाता। इस पर विभागीय अधिकारी ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कृषि ऋण एक समान मिलता है। डीएम ने ग्रामीणों के साथ सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि नगर पंचायत बनने से उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्राम पंचायत में 240 लोग मनरेगा जॉब कार्ड धारक हैं। वर्ष 2017-18 में 9 हजार का कार्य मनरेगा से हुआ है। इस मामले में डीएम ने लोगों से कहा कि नगर पंचायत का बजट इस वर्ष 150 करोड का है, परिवारों को इस सत्र में आवास सुविधा दी जायेगी, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे। डीएम ने पूरे क्षेत्र का पुन: निरीक्षण कर ग्रामीणों के साथ बातचीत के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही। इस मौके पर ईओ रविराज बंगारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल से बात की। डीएम ने कृषि अधिकारी से पूछा कि क्या गांव के नगर पंचायत में तब्दील हो जाने पर कृषि ऋण नहीं दिया जाता। इस पर विभागीय अधिकारी ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कृषि ऋण एक समान मिलता है। डीएम ने ग्रामीणों के साथ सभी बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि नगर पंचायत बनने से उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान ने कहा कि ग्राम पंचायत में 240 लोग मनरेगा जॉब कार्ड धारक हैं। वर्ष 2017-18 में 9 हजार का कार्य मनरेगा से हुआ है। इस मामले में डीएम ने लोगों से कहा कि नगर पंचायत का बजट इस वर्ष 150 करोड का है, परिवारों को इस सत्र में आवास सुविधा दी जायेगी, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अडिग रहे। डीएम ने पूरे क्षेत्र का पुन: निरीक्षण कर ग्रामीणों के साथ बातचीत के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही। इस मौके पर ईओ रविराज बंगारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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