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पारंपरिक पूजा अनुष्ठान के साथ भैरवनाथ जी के कपाट हुए बंद
Updated Tue, 17 Oct 2017 10:27 PM IST
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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल के रूप में पूजनीय भगवान भैरवनाथ जी के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। भैरवनाथ के कपाट बंद होने के साथ केदारनाथ धाम में सायंकालीन आरती भी बंद हो गई है। केदारनाथ धाम के कपाट 21 अक्तूबर को प्रात: 8.20 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
मंगलवार को धाम के मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने केदारनाथ मंदिर से डेढ़ किमी ऊपर स्थित भैरवनाथ मंदिर पहुंचे। यहां क्षेत्रपाल देवता की विशेष पूजा कर शृंगार के बाद भोग लगाया गया। करीब सवा घंटे तक हुई विशेष पूजा के बाद मुख्य पुजारी ने मंदिर के कपाट बंद कर दिए। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ की पत्नी मुख्य यजमान के रूप में पूजा में शामिल रहीं। उन्होंने भक्तों को प्रसाद भी बांटा। दोपहर सवा एक बजे भगवान भैरवनाथ की निशाण व पूजन सामग्री को धाम लाया गया। इधर परंपरानुसार, भगवान भैरवनाथ के कपाट बंद होने के बाद केदारनाथ मंदिर में सायंकालीन आरती नहीं होती। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि यात्रा के शेष तीन दिनों में अधिकाधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
मंगलवार को धाम के मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने केदारनाथ मंदिर से डेढ़ किमी ऊपर स्थित भैरवनाथ मंदिर पहुंचे। यहां क्षेत्रपाल देवता की विशेष पूजा कर शृंगार के बाद भोग लगाया गया। करीब सवा घंटे तक हुई विशेष पूजा के बाद मुख्य पुजारी ने मंदिर के कपाट बंद कर दिए। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ की पत्नी मुख्य यजमान के रूप में पूजा में शामिल रहीं। उन्होंने भक्तों को प्रसाद भी बांटा। दोपहर सवा एक बजे भगवान भैरवनाथ की निशाण व पूजन सामग्री को धाम लाया गया। इधर परंपरानुसार, भगवान भैरवनाथ के कपाट बंद होने के बाद केदारनाथ मंदिर में सायंकालीन आरती नहीं होती। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि यात्रा के शेष तीन दिनों में अधिकाधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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