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बगैर पंजीकरण मिली दो पैथोलॉजी लैब, 10 हजार जुर्माना

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:39 AM IST
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2 Pathology Lab Runs Without Registration
रुद्रपुर में पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण करते जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मलिक। - फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत पर रंपुरा में दो पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। मेडिकल वेस्ट को साधारण कूड़े के साथ फेेंकने पर दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। एक पैथोलॉजी लैब का क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीकरण भी नहीं मिला।
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क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरेंद्र मलिक ने दोपहर के समय रंपुरा स्थित केयर पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया, जहां कोई लैब टेक्नीशियन नहीं मिला। साथ ही मेडिकल वेस्ट को साधारण कूड़े में डाला जा रहा था। इसके बाद टीम ने रंपुरा स्थित पीहू पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया। वहां सिर्फ एक कर्मचारी मिला। इस लैब में भी मेडिकल वेस्ट को साधारण कूड़े में डाला जा रहा था। डॉ. मलिक ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर केयर पैथोलॉजी लैब के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसमें गलत रिपोर्ट देने और कार्यरत स्टाफ के पास मेडिकल डिग्री न होने की शिकायत की गई थी। उन्होंने कहा कि केयर पैथोलॉजी लैब का क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में तो पंजीकरण था लेकिन मेडिकल वेस्ट को साधारण कूड़े में मिलाया जा रहा था। जिस पर पांच हजार रुपये का चालान काटा गया। वहीं, पीहू पैथोलॉजी के खिलाफ उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई थी। इस लैब का क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीकरण नहीं मिला है जबकि मेडिकल वेस्ट को साधारण कूड़े में मिलाने पर पांच हजार रुपये का चालान काटा गया। उन्होंने बताया कि दोनों लैब के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। टीम में हेल्थ विजिटर गणेश गोपाल, योगेश पांडेय, नगर निगम के सफाई निरीक्षक संजय शर्मा आदि थे।
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जिले में सिर्फ 539 अस्पताल व लैब पंजीकृत
रुद्रपुर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण सैकड़ों पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम और क्लीनिक बगैर पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं। जिले में करीब तीन हजार अस्पताल और पैथोलॉजी लैब चल रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग में सिर्फ 539 का ही पंजीकरण है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बगैर पंजीकरण संचालित संस्थानों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। अवैध रूप से संचालित संस्थानों और झोलाछाप के यहां के इलाज करवाकर कई लोग अपनी जान गवां रहे हैं।
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