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मध्य हिमालय से निचले इलाकों में लौटी पक्षियों की 150 प्रजातियां

Mon, 11 Feb 2019 09:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 11 Feb 2019 09:30 PM IST
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मध्य हिमालय से निचले इलाकों में लौटी पक्षियों की 150 प्रजातियां

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ऊखीमठ। बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी के बाद मध्य हिमालय में रहने वाली पक्षियों की कई प्रजातियां निचले इलाकों में आ गई हैं। इन दिनों काकड़ागाड़ से लेकर मक्कूमठ क्षेत्र में पक्षियों की चहचहाहट हो रही है। यहां 150 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां विचरण कर रही हैं, जिससे गांव के जंगल और गाड़-गदेरे गुलजार हो गए हैं।

मध्य हिमालय में 11 से 12 हजार फीट की ऊंचाई क्षेत्रों में शीतकाल में रेड हेडेड बुलफिंच, डार्क बिस्टेड रोजफिंच, स्त्रकालेट फिंच, पिंक ब्रॉड रोज फिंच, स्पॉट फिंच, हिमालयन ग्रीन फिंच सहित 200 पक्षियों की प्रजातियां प्रवास करती हैं। मध्य हिमालय में बर्फ गिरते ही ये पक्षी निचले इलाकों में आ जाते हैं। इन दिनों मक्कू, पलद्वाड़ी, मस्तूरा, काकड़ागाड़, मक्कूबैंड तक इन पक्षियों को देखा जा सकता है। इनका प्रिय भोजन पैंया और खड़ीग की पत्तियां हैं, जो इस क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में हैं। वहीं हिमालयन ब्राइड ब्रेबलर और हिमालयन ग्रीन फिंच मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच गई हैं। सिर्फ बर्फीला तीतर ही इन दिनों 13 से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर रहता है। 19 वर्षों से बर्ड वाचिंग का कार्य कर रहे प्रसिद्ध बर्ड वाचर मक्कूमठ निवासी यशपाल सिंह नेगी ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले में 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां रुद्रप्रयाग में हैं। अभी यहां 150 पक्षी आए हैं। इन पक्षियों को देखने कोलकाता, गुजरात, आंध्र प्रदेश, मुंबई, बंगलूरू से कई पर्यटक 10 दिनों में क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि ये पक्षी ग्रीष्मकाल शुरू होते ही फिडिंग के लिए पुन: अपने स्थायी ऊपरी प्रवासी क्षेत्रों में लौट जाएंगे। नेगी ने बताया कि इंग्लैंड के प्रसिद्ध बर्ड वाचर टिम इनस्कीप 29 से 31 जनवरी तक इस क्षेत्र में रहे। उन्होंने पक्षियों की डेढ़ सौ प्रजातियों को देखा और इस बारे में बताया। इधर, जिला साहसिक खेल अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि जिले में बर्ड वाचिंग को आजीविका से जोड़ने के लिए योजना बनाई जा रही है। जल्द विशेषज्ञों की मदद से युवाओं का चयन कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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