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केदारनाथ रि-डेवलपमेंट में मौसम न बन जाए कहीं रोड़ा

Sat, 09 Dec 2017 10:30 PM IST
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:30 PM IST
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केदारनाथ रि-डेवलपमेंट में मौसम न बन जाए कहीं रोड़ा

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रुद्रप्रयाग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल केदारनाथ रि-डेवलपमेंट में मौसम रोड़ा बन सकता है। पिछले एक सप्ताह से धाम में जिस तरह से मौसम ने करवट बदली है, उससे पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बर्फबारी बढ़ने से और दिक्कतें हो सकती हैं, जिससे प्रोजेक्ट की समय सीमा भी प्रभावित हो सकती है।
धाम में 700 सौ करोड़ रुपये में पांच योजनाओं का पुनर्निर्माण होना है। इन कार्यों को अक्तूबर 2018 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन दिनों नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की ओर से सरस्वती नदी में सुरक्षा दीवार, घाट और तीर्थ पुरोहितों के लिए भवनों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, डीडीएमए की ओर से 250 मीटर लंबे मंदिर मार्ग को 50 फीट चौड़ा किया जा रहा है। जबकि मंदाकिनी नदी पर घाट व सुरक्षा दीवार निर्माण सहित मंदिर परिसर का विस्तार और मंदिर के पीछे पार्क व आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल का पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने बाकी हैं।
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जिस तरह से धाम में मौसम ने करवट बदली है, उससे निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं। धाम में मौसम ठीक होने पर सुबह 11 से 3 बजे तक तापमान 10 से 16 डिग्री तक रह रहा है। लेकिन शाम 4 बजे के बाद पारा गिर रहा है, जो रात को माइनस 8 तक पहुंच रहा है। यहीं नहीं रात को पड़ रहे अत्यधिक पाले से शीतलहर का प्रकोप भी बढ़ रहा है। ऐसे में सुहावने मौसम में भी सुबह 11 बजे के बाद ही कार्य शुरू हो पा रहे हैं। अब आगे बर्फबारी की समस्या मुहं बाए खड़ी होने से पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में केदारनाथ रि-डेवलपमेंट के तहत निर्माणाधीन कार्यों में भी देरी से इंकार नहीं किया जा सकता। बीते चार वर्षो में भी देंखे तो बर्फबारी और शीतलहर से पुनर्निर्माण कार्य, खासकर सीमेंट के कार्य सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
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केदारनाथ में एक सप्ताह से मौसम में बदलाव से काम प्रभावित हुए हैं। बादल घिरते ही हल्की बर्फबारी और रात को गिरते पाले से तापमान माइनस में होने से सीमेंट कार्यो पर सबसे अधिक पड़ रहा है।
- देवेंद्र सिंह बिष्ट, प्रभारी नेहरू पर्वतारोहण संस्थान
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