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17 वर्षो के बाद भगवान तुंगनाथ दिवारा यात्रा पर निकले, अखोड़ी में हुआ भव्य स्वागत
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ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ 17 वर्ष बाद ढाई माह की दिवारा यात्रा पर रवाना हो गए हैं। रविवार को आराध्य की डोली रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव अखोड़ी गांव पहुंच गई है। गांव में सैकड़ों भक्तों ने आराध्य के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्घि की मनौती मांगी।
रविवार को भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कमूठ मंदिर में विधि-विधान के साथ प्रात: सात बजे से पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करने के बाद पूर्वाह्न 11 बजे भगवान के निषाणों और अन्य मूर्तियों का अभिषेक कर गायत्री शक्तियों को समाहित किया गया। इसके बाद बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति व मक्कू गांव के हक हकूधारियों की मौजूदगी में आचार्य लंबोदर प्रसाद मैठाणी की अगुवाई में पंच पुरोहितों व हक हकूकधारी ब्राह्मणों ने वेद मंत्रोच्चारण के साथ भगवान तुंगनाथ की मूर्तियों को यात्रा डोली में विराजमान किया। मंदिर की तीन परिक्रमा के साथ ही श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए भगवान की डोली ने दिवारा यात्रा के लिए प्रस्थान किया। इस मौके पर पूरा मक्कूमठ गांव भगवान के जयकारों से गूंज उठा।
ग्रामीणों ने आराध्य को गांव की सीमा तक विदा किया। इसके बाद डोली सौर भुतेर गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने डोली का भव्य स्वागत किया गया। यहां से दिवारा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव अखोड़ी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भगवान का स्वागत किया। इस मौके पर रात्रि जागरण भी किया गया। तुंगनाथ मंदिर के मठापति रामप्रसाद मैठाणी व देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि भगवान ढाई माह तक जनपद चमोली की खदेड़ पट्टी और हापला घाटी के गांवों का भ्रमण करेंगे। यात्रा के शुभारंभ पर केदारनाथ विधायक मनोज रावत, पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी, बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, जिला पंचायत सदस्य मीना पुंडीर, प्रधान सरस्वती देवी, गायत्री देवी, यात्रा प्रभारी यदुवीर पुप्पवाणी, विजयपाल सिंह नेगी, प्रदीप मैठाणी समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
रविवार को भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कमूठ मंदिर में विधि-विधान के साथ प्रात: सात बजे से पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करने के बाद पूर्वाह्न 11 बजे भगवान के निषाणों और अन्य मूर्तियों का अभिषेक कर गायत्री शक्तियों को समाहित किया गया। इसके बाद बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति व मक्कू गांव के हक हकूधारियों की मौजूदगी में आचार्य लंबोदर प्रसाद मैठाणी की अगुवाई में पंच पुरोहितों व हक हकूकधारी ब्राह्मणों ने वेद मंत्रोच्चारण के साथ भगवान तुंगनाथ की मूर्तियों को यात्रा डोली में विराजमान किया। मंदिर की तीन परिक्रमा के साथ ही श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए भगवान की डोली ने दिवारा यात्रा के लिए प्रस्थान किया। इस मौके पर पूरा मक्कूमठ गांव भगवान के जयकारों से गूंज उठा।
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ग्रामीणों ने आराध्य को गांव की सीमा तक विदा किया। इसके बाद डोली सौर भुतेर गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने डोली का भव्य स्वागत किया गया। यहां से दिवारा यात्रा रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव अखोड़ी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ भगवान का स्वागत किया। इस मौके पर रात्रि जागरण भी किया गया। तुंगनाथ मंदिर के मठापति रामप्रसाद मैठाणी व देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र मैठाणी ने बताया कि भगवान ढाई माह तक जनपद चमोली की खदेड़ पट्टी और हापला घाटी के गांवों का भ्रमण करेंगे। यात्रा के शुभारंभ पर केदारनाथ विधायक मनोज रावत, पूर्व मंत्री राजेंद्र भंडारी, बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह, कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, प्रबंधक प्रकाश पुरोहित, जिला पंचायत सदस्य मीना पुंडीर, प्रधान सरस्वती देवी, गायत्री देवी, यात्रा प्रभारी यदुवीर पुप्पवाणी, विजयपाल सिंह नेगी, प्रदीप मैठाणी समेत भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
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