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सेब बनेगा काश्तकारों की आजिविका का साधन
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रुद्रप्रयाग। सामाजिक कार्यकर्ता राजीव कंडारी ने जखोली ब्लाक के चिरबटिया, लुठियाग आदि गांवों में काश्तकारों को सेब की खेती के लिए प्रेरित करते हुए नि:शुल्क पौध वितरित की। कहा, कि विशेषज्ञों की मदद से क्षेत्र में सेब के उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए समय-समय पर काश्तकारों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
एक जारी बयान में कंडारी ने कहा कि जखोली के ऊंचाई वाले गांवों में सेब के पौधों की नर्सरी विकसित की जाएगी। इसके लिए ग्राम प्रधान कुंवर सिंह कैंतुरा, दिनेश कैंतुरा, त्रिलोक सिंह कैंतुरा को नर्सरी की जिम्मेदारी दी गई है। बताया कि पूर्वी बांगर के स्यूंर, उच्छोला, डांगी, खोड, भुनालगांव में भी काश्तकारों को सेब की पौध दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विकासखंड में अलग-अलग स्थानों पर सेब पट्टी विकसित करने के लिए हिमाचल से विशेषज्ञों का एक दल यहां का निरीक्षण करेगा। उन्होंने कहा कि फलोत्पादन के जरिए काश्तकारों की आजीविका को बढ़ाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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एक जारी बयान में कंडारी ने कहा कि जखोली के ऊंचाई वाले गांवों में सेब के पौधों की नर्सरी विकसित की जाएगी। इसके लिए ग्राम प्रधान कुंवर सिंह कैंतुरा, दिनेश कैंतुरा, त्रिलोक सिंह कैंतुरा को नर्सरी की जिम्मेदारी दी गई है। बताया कि पूर्वी बांगर के स्यूंर, उच्छोला, डांगी, खोड, भुनालगांव में भी काश्तकारों को सेब की पौध दी जा रही है। उन्होंने बताया कि विकासखंड में अलग-अलग स्थानों पर सेब पट्टी विकसित करने के लिए हिमाचल से विशेषज्ञों का एक दल यहां का निरीक्षण करेगा। उन्होंने कहा कि फलोत्पादन के जरिए काश्तकारों की आजीविका को बढ़ाने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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