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मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में गरजी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां
Updated Fri, 24 Aug 2018 10:32 PM IST
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रुद्रप्रयाग। मानदेय बढ़ाने सहित चार सूत्री मांगों के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्री/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन कलेक्ट्रेट पर गरजीं। सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कार्यकत्रियों ने एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया। चेताया कि जल्द मांगों पर अमल नहीं किया गया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान अपना मांगपत्र डीएम को भी सौंपा।
शुक्रवार को जिलाध्यक्ष सुनीता बर्त्वाल के नेतृत्व में सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सेविकाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं। यहां आयोजित सभा मेें प्रदेश महामंत्री सुमति थपलियाल ने कहा कि मांगों को लेकर संगठन को एकजुट होना होगा। उन्होंने सरकार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सेविकाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा 18 हजार रुपये मानदेय, मिनी केंद्रों का उच्चीकरण और प्राइमरी स्कूलों की भांति ग्रीष्म व शीतकालीन अवकाश आदि की मांग को अनदेखा किया जा रहा है। कहा कि सरकार के सभी अभियानों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पूरा सहयोग कर रही है। बावजूद उन्हें हाशिए पर रखा गया है। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि वह महंगाई के दौर में भी 6 हजार से कम मानदेय पर कार्य कर रही हैं। जबकि एक मजदूर की मजदूरी भी प्रतिदिन कम से कम 5 सौ रुपये हो चुकी है। इस मौके पर सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर, जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इस मौके पर गीता नेगी, कांती देवी, सुजैया चौधरी, सुमन खंडूरी सहित अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ ब्लाक की आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सेविकाएं मौजूद थी। इससे पूर्व संगठन ने नारेबाजी के साथ रैली भी निकाली।
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शुक्रवार को जिलाध्यक्ष सुनीता बर्त्वाल के नेतृत्व में सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सेविकाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं। यहां आयोजित सभा मेें प्रदेश महामंत्री सुमति थपलियाल ने कहा कि मांगों को लेकर संगठन को एकजुट होना होगा। उन्होंने सरकार पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सेविकाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा 18 हजार रुपये मानदेय, मिनी केंद्रों का उच्चीकरण और प्राइमरी स्कूलों की भांति ग्रीष्म व शीतकालीन अवकाश आदि की मांग को अनदेखा किया जा रहा है। कहा कि सरकार के सभी अभियानों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां पूरा सहयोग कर रही है। बावजूद उन्हें हाशिए पर रखा गया है। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि वह महंगाई के दौर में भी 6 हजार से कम मानदेय पर कार्य कर रही हैं। जबकि एक मजदूर की मजदूरी भी प्रतिदिन कम से कम 5 सौ रुपये हो चुकी है। इस मौके पर सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि अगर, जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। इस मौके पर गीता नेगी, कांती देवी, सुजैया चौधरी, सुमन खंडूरी सहित अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ ब्लाक की आंगनबाड़ी कार्यकत्री व सेविकाएं मौजूद थी। इससे पूर्व संगठन ने नारेबाजी के साथ रैली भी निकाली।
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