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संतान प्राप्ति के लिए त्रियुगीनारायण में 12 दंपतियां कर रही खड़ दिया पूजन
Updated Thu, 20 Sep 2018 10:24 PM IST
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गुप्तकाशी। त्रियुगीनारायण में तीन दिवसीय वामन द्वादशी मेले का शुभारंभ हो गया है। मेले के पहले दिन जहां भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की गई, वहीं संतान प्राप्ति के लिए दूर दराज क्षेत्र से आए 12 दंपतियों ने मंदिर में पूरी रात हाथ पर दीया लेकर उपवास किया। शुक्रवार (आज) को बामन भगवान अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
नारायण सेवा समिति की ओर से त्रियुगीनारायण में मेले का शुभारंभ मंदिर के पुजारी एवं वेदपाठियों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। सर्वप्रथम भगवान विष्णु की पूजा अर्चना कर डोली को कमल पुष्प एवं जौ की हरियाली से सजाया गया। इसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर के गर्भगृह से भगवान विष्णु की भोगमूर्ति को सभा मंडप में विराजमान किया गया। इस मौके पर पूरा क्षेत्र आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। सभा मंडप में चारों पहर भगवान की विशेष पूजा होगी। मेले में संतान प्राप्ति के लिए 12 दंपतियां भी पहुंची, जिन्होंने रातभर जलता दीयाहाथ में रखकर भगवान का आह्वान किया। महिला मंगल दल त्रियुगीनारायण व निकटवर्ती गांवों की महिलाओं द्वारा मंदिर में रात्रि जागरण का आयोजन भी किया गया। समिति के अध्यक्ष आशाराम भट्ट ने बताया कि शुक्रवार को भगवान विष्णु की भोगमूर्ति को चांदी के थाल में गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। मंदिर की सात परिक्रमा के बाद मूर्ति को पुन: गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। यहां प्रवासी एवं ध्याणियां भी बड़ी संख्या में गांव पहुंच गई हैं। इस मौके पर जगमोहन प्रसाद, सूर्यप्रसाद, कमलेश भटट, बृजमोहन भटट आदि मौजूद थे।
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नारायण सेवा समिति की ओर से त्रियुगीनारायण में मेले का शुभारंभ मंदिर के पुजारी एवं वेदपाठियों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। सर्वप्रथम भगवान विष्णु की पूजा अर्चना कर डोली को कमल पुष्प एवं जौ की हरियाली से सजाया गया। इसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ मंदिर के गर्भगृह से भगवान विष्णु की भोगमूर्ति को सभा मंडप में विराजमान किया गया। इस मौके पर पूरा क्षेत्र आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। सभा मंडप में चारों पहर भगवान की विशेष पूजा होगी। मेले में संतान प्राप्ति के लिए 12 दंपतियां भी पहुंची, जिन्होंने रातभर जलता दीयाहाथ में रखकर भगवान का आह्वान किया। महिला मंगल दल त्रियुगीनारायण व निकटवर्ती गांवों की महिलाओं द्वारा मंदिर में रात्रि जागरण का आयोजन भी किया गया। समिति के अध्यक्ष आशाराम भट्ट ने बताया कि शुक्रवार को भगवान विष्णु की भोगमूर्ति को चांदी के थाल में गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा। मंदिर की सात परिक्रमा के बाद मूर्ति को पुन: गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। यहां प्रवासी एवं ध्याणियां भी बड़ी संख्या में गांव पहुंच गई हैं। इस मौके पर जगमोहन प्रसाद, सूर्यप्रसाद, कमलेश भटट, बृजमोहन भटट आदि मौजूद थे।
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