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प्रसाद योजना में संवरेगा रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी-अलकनंदा का संगम
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:42 PM IST
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रुद्रप्रयाग। प्रसाद योजना के तहत मंदाकिनी और अलकनंदा के संगम को संवारा जाएगा। संगम पर नई सीढ़ियां बनाई जाएंगी, साथ ही पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए दीवार बनाई जाएगी। नारद शिला को उसका मूल स्वरूप प्रदान कर संरक्षित किया जाएगा।
भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत पर्यटन विभाग द्वारा भेजे गए सवा करोड़ रुपयों के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दी है। योजना के तहत संगम पर बनने वाली सीढ़ियों के किनारों पर रेलिंग लगाई जाएगी। व्यू प्वाइंट विकसित कर उसमें छतरी लगाई जाएगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग बारामास संगम का आनंद ले सकेंगे।
बता दें कि 16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में तबाह हुए रुद्रप्रयाग संगम की आज तक सुध नहीं ली गई है। आपदा की भेंट चढ़ी सीढ़ियों का भी पुनर्निर्माण नहीं किया गया, जबकि यह क्षेत्र जिले के कई गांवों का पैतृक घाट भी है। साथ ही वर्षभर धार्मिक आयोजन पर स्थानीय व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग यहां स्नान और पूजा-पाठ के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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इनका कहना है --
प्रसाद योजना में संगम के संरक्षण और सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। जल्द निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे। - सुशील नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी, रुद्रप्रयाग।
भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत पर्यटन विभाग द्वारा भेजे गए सवा करोड़ रुपयों के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दी है। योजना के तहत संगम पर बनने वाली सीढ़ियों के किनारों पर रेलिंग लगाई जाएगी। व्यू प्वाइंट विकसित कर उसमें छतरी लगाई जाएगी, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग बारामास संगम का आनंद ले सकेंगे।
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बता दें कि 16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में तबाह हुए रुद्रप्रयाग संगम की आज तक सुध नहीं ली गई है। आपदा की भेंट चढ़ी सीढ़ियों का भी पुनर्निर्माण नहीं किया गया, जबकि यह क्षेत्र जिले के कई गांवों का पैतृक घाट भी है। साथ ही वर्षभर धार्मिक आयोजन पर स्थानीय व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग यहां स्नान और पूजा-पाठ के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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इनका कहना है --
प्रसाद योजना में संगम के संरक्षण और सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। जल्द निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे। - सुशील नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी, रुद्रप्रयाग।