{"_id":"5cb74632bdec2214374a90df","slug":"131555514930-rudraprayag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौरीकुंड में श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं: खत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौरीकुंड में श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं: खत्री
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुप्तकाशी। श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अशोक खत्री ने केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव गौरीकुंड का भ्रमण कर वहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गौरामाई मंदिर में आराध्य के दर्शन कर पूजा-अर्चना कर कहा श्रद्धालुओं को गौरीकुंड में अब बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बुधवार को गौरीकुंड पहुंचे बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने मंदाकिनी नदी किनारे गरम पानी के कुंड, मंदिर परिसर, मंदिर समिति कार्यालय, मंदाकिनी घाट आदि का स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि आपदा से गौरीकुंड में व्यापक नुकसान हुआ था, जिससे समिति भी प्रभावित हुई। खत्री ने बताया कि बाबा केदार के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूर्व की भांति धर्मशाला एवं विश्रामगृह की सुविधा प्रदान किए जाएंगे। साथ ही यहां भंडार गृह भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पुनर्जीवित किए गए गरम कुंड में पहले की तरह स्नान की सुविधा के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने गौरीकुंड में मंदाकिनी घाट का निरीक्षण करते हुए जरूरी इंतजाम करने की बात कही। इसके उपरांत उपाध्यक्ष खत्री ने हक-हकूकधारियों व स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए गर्म कुंड के समीप भूमि विवाद को प्रशासन के सहयोग से सुलझाने की बात कही। इस मौके पर मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड, प्रबंधक कैलाश बगवाड़ी, मठापति संपूर्णानंद, पुजारी लोकेश्वर जमलोकी, दिनेश मैठाणी, प्रधान राकेश गोस्वामी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
बुधवार को गौरीकुंड पहुंचे बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने मंदाकिनी नदी किनारे गरम पानी के कुंड, मंदिर परिसर, मंदिर समिति कार्यालय, मंदाकिनी घाट आदि का स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि आपदा से गौरीकुंड में व्यापक नुकसान हुआ था, जिससे समिति भी प्रभावित हुई। खत्री ने बताया कि बाबा केदार के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूर्व की भांति धर्मशाला एवं विश्रामगृह की सुविधा प्रदान किए जाएंगे। साथ ही यहां भंडार गृह भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पुनर्जीवित किए गए गरम कुंड में पहले की तरह स्नान की सुविधा के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने गौरीकुंड में मंदाकिनी घाट का निरीक्षण करते हुए जरूरी इंतजाम करने की बात कही। इसके उपरांत उपाध्यक्ष खत्री ने हक-हकूकधारियों व स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए गर्म कुंड के समीप भूमि विवाद को प्रशासन के सहयोग से सुलझाने की बात कही। इस मौके पर मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड, प्रबंधक कैलाश बगवाड़ी, मठापति संपूर्णानंद, पुजारी लोकेश्वर जमलोकी, दिनेश मैठाणी, प्रधान राकेश गोस्वामी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन