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डेढ़ माह में वनाग्नि से 20 घटनाओं में 15 हेक्टेयर जंगल स्वाह
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:35 PM IST
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रुद्रप्रयाग। फायर सीजन के डेढ़ माह में जनपद में वनाग्नि की 20 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें 15 हेक्टेयर से अधिक जंगल स्वाह हो गया। पिछले तीन दिनों से अगस्त्यमुनि और जखोली रेंज के कई क्षेत्रों में जंगल धधक रहे हैं।
15 फरवरी से शुरू फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। सर्दियों के सीजन में बारिश नहीं होने से मौसम शुष्क बना है, जिससे आग की चिंगारी कुछ ही देर में शोलों में तब्दील होकर वन क्षेत्र को स्वाह कर रही है। चीड़ के जंगलों की आग के भयावह होने के साथ ही कई जगहों पर बांज-बुराश के जंगल भी स्वाह हो चुके हैं। जनपद में वनाग्नि से बच्छणस्यूं पट्टी के क्वीली, पाटा के बांज-बुरांश के जंगलों से लेकर सौड़ी, गिवाला, सांदर, स्वीली, सेम, मेदनपुर, चंद्रापुरी, कंडारा, ओरिंग, अरखुंड, दानकोट, जाखणी, पठालीधार, स्यूंर, बांगर, बौंठा, तूना सहित जवाड़ी, भैंसगांव, लौंगा, सकलाणा, मुन्याघर के जंगल जलकर राख हो चुके हैं। उधर, केदारघाटी के कई गांवों के जंगलों में आग लगी हुई है, जिससे वातावरण में धुंध का गुबार फैल रहा है। वन प्रभाग के डीएफओ मयंक शेखर झा ने बताया कि अभी तक 15 हेक्टेयर से अधिक जंगल क्षेत्र जलकर राख हो चुका है।
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15 फरवरी से शुरू फायर सीजन में वनाग्नि की घटनाओं में दिनोंदिन वृद्धि हो रही है। सर्दियों के सीजन में बारिश नहीं होने से मौसम शुष्क बना है, जिससे आग की चिंगारी कुछ ही देर में शोलों में तब्दील होकर वन क्षेत्र को स्वाह कर रही है। चीड़ के जंगलों की आग के भयावह होने के साथ ही कई जगहों पर बांज-बुराश के जंगल भी स्वाह हो चुके हैं। जनपद में वनाग्नि से बच्छणस्यूं पट्टी के क्वीली, पाटा के बांज-बुरांश के जंगलों से लेकर सौड़ी, गिवाला, सांदर, स्वीली, सेम, मेदनपुर, चंद्रापुरी, कंडारा, ओरिंग, अरखुंड, दानकोट, जाखणी, पठालीधार, स्यूंर, बांगर, बौंठा, तूना सहित जवाड़ी, भैंसगांव, लौंगा, सकलाणा, मुन्याघर के जंगल जलकर राख हो चुके हैं। उधर, केदारघाटी के कई गांवों के जंगलों में आग लगी हुई है, जिससे वातावरण में धुंध का गुबार फैल रहा है। वन प्रभाग के डीएफओ मयंक शेखर झा ने बताया कि अभी तक 15 हेक्टेयर से अधिक जंगल क्षेत्र जलकर राख हो चुका है।
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