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कौरवों ने छल से किया गया अभिमन्यु का वध
Updated Sat, 16 Dec 2017 10:41 PM IST
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गुप्तकाशी। ग्राम पंचायत देवर गांव में पांडव नृत्य के दौरान चक्रव्यूह का मंचन किया गया। जिसमें कौरवों ने छल से 16 वर्ष के अबोध बालक अभिमन्यु का निर्ममता से वध किया।
चक्रव्यूह मंचन का शुभारंभ करते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमंत तिवारी ने कहा कि पांडव नृत्य हमारी पौराणिक व पारंपरिक संस्कृति से जुड़ी हुई है। इसे बचाए रखने में सबका सहयोग जरूरी है। पांडव नृत्य के 31वें दिन महाभारत युद्ध में अभिमन्यु वध का मंचन किया गया। लीला में अर्जुन को लेकर भगवान श्रीकृष्ण युद्ध करते हुए दक्षिण दिशा की ओर चले जाते हैं। इधर, गुरु द्रोणाचार्य चक्रव्यूह रचते हैं। अर्जुन के अलावा किसी और को चक्रव्यूह को भेदना नहीं आता है। ऐसे में अर्जुन पुत्र अभिमन्यु चक्रव्यूह भेदने को लेकर आश्वस्त करता है। युद्ध में भीम भी अभिमन्यु के साथ जाते हैं। लेकिन जयद्रथ उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने देता। अभिमन्यु अकेले छह द्वारों को भेदते हुए चक्रव्यूह के अंदर प्रवेश करता है। वह, जयद्रथ, गुरु द्रोणाचार्य, शैल्य, लक्ष्मण, अश्वथामा, कर्ण, दुशासन को परास्त कर देता है। लेकिन सातवें द्वार पर दुर्योधन छल से अभिमन्यु का वध कर देता है। इस मौके पर केदारसभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, आयोजन समिति अध्यक्ष गंगा सिंह चौहान, पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह चौहान, सचिव प्रदीप सिंह व दयाल सिंह भी मौजूद थे।
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चक्रव्यूह मंचन का शुभारंभ करते हुए क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमंत तिवारी ने कहा कि पांडव नृत्य हमारी पौराणिक व पारंपरिक संस्कृति से जुड़ी हुई है। इसे बचाए रखने में सबका सहयोग जरूरी है। पांडव नृत्य के 31वें दिन महाभारत युद्ध में अभिमन्यु वध का मंचन किया गया। लीला में अर्जुन को लेकर भगवान श्रीकृष्ण युद्ध करते हुए दक्षिण दिशा की ओर चले जाते हैं। इधर, गुरु द्रोणाचार्य चक्रव्यूह रचते हैं। अर्जुन के अलावा किसी और को चक्रव्यूह को भेदना नहीं आता है। ऐसे में अर्जुन पुत्र अभिमन्यु चक्रव्यूह भेदने को लेकर आश्वस्त करता है। युद्ध में भीम भी अभिमन्यु के साथ जाते हैं। लेकिन जयद्रथ उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने देता। अभिमन्यु अकेले छह द्वारों को भेदते हुए चक्रव्यूह के अंदर प्रवेश करता है। वह, जयद्रथ, गुरु द्रोणाचार्य, शैल्य, लक्ष्मण, अश्वथामा, कर्ण, दुशासन को परास्त कर देता है। लेकिन सातवें द्वार पर दुर्योधन छल से अभिमन्यु का वध कर देता है। इस मौके पर केदारसभा अध्यक्ष विनोद शुक्ला, आयोजन समिति अध्यक्ष गंगा सिंह चौहान, पूर्व प्रधान नरेंद्र सिंह चौहान, सचिव प्रदीप सिंह व दयाल सिंह भी मौजूद थे।
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