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नए सत्र में पांच हाईस्कूल पर लटकेंगे ताले, इंटर कालेज में होगा विलय
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रुद्रप्रयाग। घटती छात्रसंख्या के चलते उत्तराखंड सरकार ने सरकारी स्कूलों के विलय की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनपद में पहले चरण में 30 से कम छात्र संख्या के चलते 5 राजकीय हाईस्कूलों को निकटवर्ती इंटर कॉलेज में शिक्षण सत्र 2019-20 में विलय कर दिया जाएगा। शासन द्वारा इस संबंध में जीओ भी जारी कर दिया गया है। विलय किए गए स्कूलों के शिक्षक व शिक्षणेत्तर स्टॉफ को भी अन्य स्कूलों में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाना है।
सरकारी स्कूलों में प्रतिवर्ष घट रही छात्र संख्या से बीते छह वर्षों में जनपद में 42 प्राथमिक व जूनियर स्कूल बंद हो चुके हैं। अब माध्यमिक विद्यालय भी इस श्रेणी में आने लगे हैं। जनपद में कम छात्र संख्या के कारण पहले चरण में राजकीय हाईस्कूल कमोल्ड़ी, कुरझण, तूना, देवर और गंधारी को निकटवर्ती जीआईसी बाड़ा, ग्वेफड़, चोपड़ा और गुप्तकाशी में विलय करने की प्रक्रिया शासन स्तर पर शुरू कर दी गई है। शासन द्वारा विभाग को इस संबंध में शासनादेश भी भेज दिया गया है। अगले शिक्षण सत्र में इन पांच हाईस्कूलों को संबंधित इंटर कालेज में विलय कर दिया जाएगा। शासन व विभाग की इस व्यवस्था से स्थानीय लोगों में रोष है। कहना है कि बीते वर्षों में इन स्कूलों में लाखों की लागत से भवन तैयार किए गए हैं। अब, स्कूलों को अन्यत्र स्कूलों में विलय कर भवनों पर ताला लगाने की तैयारी हो रही है, जो न्यायसंगत नहीं है। इधर, अधिकारियों की मानें तो इन हाईस्कूलों में तैनात शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को माध्यमिक स्कूलों व विभागीय कार्यालयों में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाएगा। डीईओ माध्यमिक एलएस दानू ने बताया कि शासन से जो पत्र मिला है, उसके इन पांच हाईस्कूलों का अगले सत्र में निकटवर्ती इंटर कालेज में विलय करने को कहा गया है। साथ ही निदेशालय द्वारा पुन: इन विद्यालयों की जानकारी भी मांगी गई है।
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सरकारी स्कूलों में प्रतिवर्ष घट रही छात्र संख्या से बीते छह वर्षों में जनपद में 42 प्राथमिक व जूनियर स्कूल बंद हो चुके हैं। अब माध्यमिक विद्यालय भी इस श्रेणी में आने लगे हैं। जनपद में कम छात्र संख्या के कारण पहले चरण में राजकीय हाईस्कूल कमोल्ड़ी, कुरझण, तूना, देवर और गंधारी को निकटवर्ती जीआईसी बाड़ा, ग्वेफड़, चोपड़ा और गुप्तकाशी में विलय करने की प्रक्रिया शासन स्तर पर शुरू कर दी गई है। शासन द्वारा विभाग को इस संबंध में शासनादेश भी भेज दिया गया है। अगले शिक्षण सत्र में इन पांच हाईस्कूलों को संबंधित इंटर कालेज में विलय कर दिया जाएगा। शासन व विभाग की इस व्यवस्था से स्थानीय लोगों में रोष है। कहना है कि बीते वर्षों में इन स्कूलों में लाखों की लागत से भवन तैयार किए गए हैं। अब, स्कूलों को अन्यत्र स्कूलों में विलय कर भवनों पर ताला लगाने की तैयारी हो रही है, जो न्यायसंगत नहीं है। इधर, अधिकारियों की मानें तो इन हाईस्कूलों में तैनात शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को माध्यमिक स्कूलों व विभागीय कार्यालयों में रिक्त पदों पर समायोजित किया जाएगा। डीईओ माध्यमिक एलएस दानू ने बताया कि शासन से जो पत्र मिला है, उसके इन पांच हाईस्कूलों का अगले सत्र में निकटवर्ती इंटर कालेज में विलय करने को कहा गया है। साथ ही निदेशालय द्वारा पुन: इन विद्यालयों की जानकारी भी मांगी गई है।
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