कालीमठ घाटी स्थित प्राचीन रूच्छ महादेव व कोटिमाहेश्वरी तीर्थ में नौ दिवसीय श्रीमद्देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन 121 जल कलशों के साथ भव्य यात्रा निकाली गई। आज पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान का समापन होगा।
बृहस्पतिवार को खाम व मनणी नदी के संगम से कथा स्थल तक आचार्यगणों व श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर तक 121 जल कलशों की यात्रा निकाली गई। इस मौके पर पूरा क्षेत्र महादेव व कोटिमाहेश्वरी के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर की परिक्रमा के बाद कलशों के जल से आराध्य का जलाभिषेक किया गया। इसके उपरांत कथा वाचन करते हुए व्यास आचार्य सुरेशानंद गौड़ ने कहा कि तीर्थ स्थलों से निकलने वाली नदियों के जल के आचमन मात्र से ही मोक्ष प्राप्त हो जाता है। इस मौके पर ऋषि राम भट्ट व क्षेत्रीय महिला मंगल दलों के द्वारा कीर्तन-भजन भी किए गए। अनुष्ठान में पुजारी सत्यानंद भट्ट, राजेंद्र प्रसाद सेमवाल, ओपी भट्ट, महेश चंद्र सती, मुलायम सिंह तिंदोरी, त्रिलोक सिंह रावत, सरिता राणा, आशा सती, पूर्व जिपं सदस्य मनवर सिंह चौहान, लक्ष्मण सिंह सत्कारी आदि मौजूद थे। संवाद