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गुप्तकाशी में संस्कृत प्रतियोगिताओं का शुभारंभ
Updated Thu, 06 Sep 2018 10:57 PM IST
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गुप्तकाशी। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से गुप्तकाशी में दो दिवसीय ब्लाक स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिताओं का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिताओं में केदारघाटी के विभिन्न विद्यालय प्रतिभाग कर रहे है।
गुप्तकाशी स्थित केदार छात्रावास में शुरू हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख संतलाल शाह व कार्यक्रम अध्यक्ष उप खंड शिक्षाधिकारी रविकुमार ने किया। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख संतलाल शाह ने कहा कि संस्कृत विश्व की सबसे पुरातन भाषाओं में से एक है। वर्तमान समय में यह भाषा हाशिए पर जाती दिख रही है। कहा कि इस भाषा के संरक्षण के लिए सभी को आगे आना होगा। एबीईओ रविकुमार ने कहा कि संस्कृत भाषा देव भाषा है। इस भाषा में सभी ग्रंथ व पुराणों की रचना की गई है। कहा कि संस्कृत भाषा को बनाए रखने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के खंड संयोजक सुशील खंडूडी ने बताया कि संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण के लिए देशभर में संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में संस्कृत समूह गीत, भाषण, वाद-विवाद में सीनियर व जूनियर वर्ग की प्रतियोगिताएं होनी है। खंड स्तर पर विजेता छात्र जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेगा। इस मौके पर आचार्य कृष्णानंद नौटियाल, आचार्य सुरेशानंद गौड, रघुवीर पुष्पवाण, आंनदमणि सेमवाल, आचार्य पुष्पा नौटियाल, राकेश जमलोकी समेत अन्य विद्यालयों से पहुंचे शिक्षक व छात्र मौजूद थे।
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गुप्तकाशी स्थित केदार छात्रावास में शुरू हुए कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख संतलाल शाह व कार्यक्रम अध्यक्ष उप खंड शिक्षाधिकारी रविकुमार ने किया। इस मौके पर ब्लाक प्रमुख संतलाल शाह ने कहा कि संस्कृत विश्व की सबसे पुरातन भाषाओं में से एक है। वर्तमान समय में यह भाषा हाशिए पर जाती दिख रही है। कहा कि इस भाषा के संरक्षण के लिए सभी को आगे आना होगा। एबीईओ रविकुमार ने कहा कि संस्कृत भाषा देव भाषा है। इस भाषा में सभी ग्रंथ व पुराणों की रचना की गई है। कहा कि संस्कृत भाषा को बनाए रखने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के खंड संयोजक सुशील खंडूडी ने बताया कि संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संरक्षण के लिए देशभर में संस्कृत प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता में संस्कृत समूह गीत, भाषण, वाद-विवाद में सीनियर व जूनियर वर्ग की प्रतियोगिताएं होनी है। खंड स्तर पर विजेता छात्र जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करेगा। इस मौके पर आचार्य कृष्णानंद नौटियाल, आचार्य सुरेशानंद गौड, रघुवीर पुष्पवाण, आंनदमणि सेमवाल, आचार्य पुष्पा नौटियाल, राकेश जमलोकी समेत अन्य विद्यालयों से पहुंचे शिक्षक व छात्र मौजूद थे।
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