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पपडासू गांव की पेयजल योजना के निर्माण को जीवीके ने दिए 1
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:52 PM IST
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रुद्रप्रयाग। जखोली ब्लाक के ग्राम पंचायत पपड़ासू के ग्रामीणों को अब पेयजल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की कार्यदायी संस्था जीवीके कंपनी ने गांव की पेयजल योजना के निर्माण के लिए 18 लाख दिए हैं। कंपनी के अधिकारियों ने ग्राम प्रधान को धनराशि का ड्राफ्ट सौंपा।
अलकनंदा नदी पर बनी श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की झील में पानी बढ़ने के कारण वर्ष 2013 में ग्राम पंचायत पपडासू की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने स्वयं के प्रयासों से योजना की मरम्मत के प्रयास किए, लेकिन झील के कारण योजना बार-बार क्षतिग्रस्त होती रही। ऐसे में पांच वर्षों से ग्रामीण नदी के पानी से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इस वर्ष ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को स्थिति से अवगत कराते हुए जीवीके कंपनी से पेयजल योजना निर्माण की मांग की थी। प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन को इस संबंध में कई बार पत्र लिखे, लेकिन बात नहीं बनी। तब डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। बाद में अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लिमिटेड और ग्राम पंचायत के बीच समझौता हुआ। तय हुआ कि कंपनी गांव की ध्वस्त पेयजल योजना का निर्माण करेगी। मंगलवार को कंपनी ने 18 लाख रुपये का ड्राफ्ट डीएम की मौजूदगी में ग्राम प्रधान शशि देवी को सौंपा। जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी ने कहा कि ग्रामीणों का संघर्ष फलीभूत हेे गया है। कंपनी के जीएम आनंद शाह व प्रबंधक आरएस चौहान ने बताया कि आने वाले समय में ग्राम पंचायत की मदद भी की जाएगी। इस मौके पर महिला मंगल दल अध्यक्ष आरती देवी, ग्रामीण सोबत सिंह आदि मौजूद थे।
अलकनंदा नदी पर बनी श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की झील में पानी बढ़ने के कारण वर्ष 2013 में ग्राम पंचायत पपडासू की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने स्वयं के प्रयासों से योजना की मरम्मत के प्रयास किए, लेकिन झील के कारण योजना बार-बार क्षतिग्रस्त होती रही। ऐसे में पांच वर्षों से ग्रामीण नदी के पानी से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इस वर्ष ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को स्थिति से अवगत कराते हुए जीवीके कंपनी से पेयजल योजना निर्माण की मांग की थी। प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन को इस संबंध में कई बार पत्र लिखे, लेकिन बात नहीं बनी। तब डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। बाद में अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लिमिटेड और ग्राम पंचायत के बीच समझौता हुआ। तय हुआ कि कंपनी गांव की ध्वस्त पेयजल योजना का निर्माण करेगी। मंगलवार को कंपनी ने 18 लाख रुपये का ड्राफ्ट डीएम की मौजूदगी में ग्राम प्रधान शशि देवी को सौंपा। जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी ने कहा कि ग्रामीणों का संघर्ष फलीभूत हेे गया है। कंपनी के जीएम आनंद शाह व प्रबंधक आरएस चौहान ने बताया कि आने वाले समय में ग्राम पंचायत की मदद भी की जाएगी। इस मौके पर महिला मंगल दल अध्यक्ष आरती देवी, ग्रामीण सोबत सिंह आदि मौजूद थे।
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