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यात्रा में केदारनाथ में संचालित होगा 6 बेड का अस्थाई अस्पताल
Updated Sun, 12 Nov 2017 10:02 PM IST
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रुद्रप्रयाग। बाबा केदार की आगामी यात्रा में केदारनाथ धाम में चार से छह बेड का अस्थायी अस्पताल संचालित किया जाएगा। अस्पताल में हृदयरोग विशेषज्ञ की रोटेशन के आधार पर नियमित तैनाती की जाएगी, साथ ही हृदय रोग से संबंधित जरूरी उपकरण भी अस्पताल में उपलब्ध कराए जाएंगे। सीएमओ ने केदारनाथ धाम से गंभीर मरीज को हायर सेंटर भेजने के लिए एयर एंबुलेंस की भी मांग की है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को एक प्रस्ताव भी सौंपा है।
11700 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में ऑक्सीजन की कमी से बाबा केदार के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा सबसे अधिक होता है। वर्ष 2012 में 62 यात्रियों की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई थी, जबकि आपदा के बाद वर्ष 2015 से 2017 तक के यात्राकाल में 115 श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मौत हुई है, इनमें कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। अगर, इन लोगों को धाम में ही समय से उचित उपचार मिल जाता तो, मौत का आंकड़ा काफी कम हो सकता था। इसे देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सरोज नैथानी ने केदारनाथ में यात्रा के दौरान चार से छह बेड का अस्पताल संचालित करने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती और हृदयाघात से पीड़ित को समय पर उचित उपचार की दवा व उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही गंभीर मरीज को तत्काल हायर सेंटर भेजने के लिए केदारनाथ में एयर एंबुलेंस की तैनाती की बात भी कही है। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि वर्ष 2018 की केदारनाथ यात्रा में रुद्रप्रयाग से धाम तक बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अभी से योजना बनाई जा रही है। सीएमओ से प्राप्त प्रस्ताव को शासन को भेजा जा रहा है। बताया कि यात्रा से जुड़े अन्य विभागों से भी जरूरी सुविधाओं को लेकर सुझाव मांगे गए हैं, जिनके आधार पर तैयारी की जाएगी।
11700 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में ऑक्सीजन की कमी से बाबा केदार के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा सबसे अधिक होता है। वर्ष 2012 में 62 यात्रियों की हृदय गति रुक जाने से मौत हो गई थी, जबकि आपदा के बाद वर्ष 2015 से 2017 तक के यात्राकाल में 115 श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मौत हुई है, इनमें कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। अगर, इन लोगों को धाम में ही समय से उचित उपचार मिल जाता तो, मौत का आंकड़ा काफी कम हो सकता था। इसे देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सरोज नैथानी ने केदारनाथ में यात्रा के दौरान चार से छह बेड का अस्पताल संचालित करने पर जोर दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती और हृदयाघात से पीड़ित को समय पर उचित उपचार की दवा व उपकरण उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही गंभीर मरीज को तत्काल हायर सेंटर भेजने के लिए केदारनाथ में एयर एंबुलेंस की तैनाती की बात भी कही है। इधर, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि वर्ष 2018 की केदारनाथ यात्रा में रुद्रप्रयाग से धाम तक बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर अभी से योजना बनाई जा रही है। सीएमओ से प्राप्त प्रस्ताव को शासन को भेजा जा रहा है। बताया कि यात्रा से जुड़े अन्य विभागों से भी जरूरी सुविधाओं को लेकर सुझाव मांगे गए हैं, जिनके आधार पर तैयारी की जाएगी।
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