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बधाणीताल पर्यटन एक बैसाखी मेले का शुभारंभ
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जखोली। बधाणीताल पर्यटन विकास समिति द्वारा आयोजित 29वां बधाणीताल पर्यटन एवं बैसाखी मेला मां नंदा देवी आगमन के साथ शुरू हो गया। मां नंदा देवी की डोली ने बधाणीताल परिसर क्षेत्र में नृत्य कर भक्तों को आशीर्वाद दिए। देर शाम विभिन्न सांस्कृतिक कला मंचों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई।
बांगर क्षेत्र के 16 गांवों के सहयोग से आयोजित होने वाले बधाणीताल पर्यटन विकास मेले के पहले दिन शनिवार को बधाणी गांव में मां नंदा की पूजा अर्चना कर डोली में मूर्ति को स्थापित किया गया। इसके बाद डोली व देवी के निशाणों ने स्थानीय बाद्य यंत्रों के साथ बधाणी ताल के लिए प्रस्थान किया। डोली के साथ चल रहे ग्रामीणों के जयकारों से पूरा बधाणी क्षेत्र भक्तिमय हो गया। डोली जैसे ही ताल परिसर पहुंची तो वहां के ग्रामीणों ने फूल व अक्षतों के साथ स्वागत किया। इसके बाद डोली ने नृत्य कर ग्रामीणों को आशीर्वाद दिया। डोली ने बधाणीताल के त्रियुगीनारायण मंदिर में रात्रि विश्राम किया। मेले में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में शैलजा सांस्कृतिक कलामंच पौड़ी व त्रियुगीनारायण सांस्कृतिक कलामंच बधाणी के चंद्र सिंह पंवार व सुमन पंवार ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। स्थानीय महिला मंगल दलों ने रात्रि भर जागरण कर मां नंदा की स्तुति की। मेलाध्यक्ष केदार सिंह व उपाध्यक्ष कुलेन्द्र राणा, जिला पंचायत सदस्य महावीर पंवार ने बताया कि शनिवार को नवमी के दिन खीर बनाकर भोग लगाया गया। ताल के त्रियुगीनारायण मंदिर में मां नंदा की रात्रि के चार पहर की पूजा संपन्न होगी। जबकि रविवार सुबह के प्रथम पहर में डोली ताल में स्नान करेगी। इस मौके पर बैसाख सिंह पंवार, उम्मेद सिंह पंवार, विजेंद्र सिंह, संपूर्णानंद सेमवाल समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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बांगर क्षेत्र के 16 गांवों के सहयोग से आयोजित होने वाले बधाणीताल पर्यटन विकास मेले के पहले दिन शनिवार को बधाणी गांव में मां नंदा की पूजा अर्चना कर डोली में मूर्ति को स्थापित किया गया। इसके बाद डोली व देवी के निशाणों ने स्थानीय बाद्य यंत्रों के साथ बधाणी ताल के लिए प्रस्थान किया। डोली के साथ चल रहे ग्रामीणों के जयकारों से पूरा बधाणी क्षेत्र भक्तिमय हो गया। डोली जैसे ही ताल परिसर पहुंची तो वहां के ग्रामीणों ने फूल व अक्षतों के साथ स्वागत किया। इसके बाद डोली ने नृत्य कर ग्रामीणों को आशीर्वाद दिया। डोली ने बधाणीताल के त्रियुगीनारायण मंदिर में रात्रि विश्राम किया। मेले में संस्कृति विभाग के तत्वावधान में शैलजा सांस्कृतिक कलामंच पौड़ी व त्रियुगीनारायण सांस्कृतिक कलामंच बधाणी के चंद्र सिंह पंवार व सुमन पंवार ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। स्थानीय महिला मंगल दलों ने रात्रि भर जागरण कर मां नंदा की स्तुति की। मेलाध्यक्ष केदार सिंह व उपाध्यक्ष कुलेन्द्र राणा, जिला पंचायत सदस्य महावीर पंवार ने बताया कि शनिवार को नवमी के दिन खीर बनाकर भोग लगाया गया। ताल के त्रियुगीनारायण मंदिर में मां नंदा की रात्रि के चार पहर की पूजा संपन्न होगी। जबकि रविवार सुबह के प्रथम पहर में डोली ताल में स्नान करेगी। इस मौके पर बैसाख सिंह पंवार, उम्मेद सिंह पंवार, विजेंद्र सिंह, संपूर्णानंद सेमवाल समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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