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सणगू गांव में 5 वर्ष बाद अपनी बहिन भुवनेश्वरी से मिली मां नंदा
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:07 PM IST
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि विकासखंड के तल्लानागपुर के सणगू गांव में मां भगवती भुवनेश्वरी और मां नंदा ो(देवी बहनों ) के मिलन का प्रतीक डाली कौथिग धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाया गया। भारी संख्या में पहुंचे भक्तों ने आराध्य के दर्शन कर भेंट अर्पित करते हुए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पांच वर्ष बाद बीते 8 नवंबर से चल रहे मां भुवनेश्वरी देवी के नौ दिवसीय देवी पूजन के सातवें दिन बुधवार को डाली कौथिग का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के तहत भक्तों की जयकारों और वाद्य यंत्रों की थाप पर मां भगवती नंदा देवी अपनी बहन गांव की कुलदेवी आराध्य भुवनेश्वरी देवी से मिलने उसके मंदिर पहुंची। यहां पर दोनों देवी बहिनों के अद्भुत मिलन के साक्षी बने सैकड़ों भक्त भावविभोर हो गए। इस दौरान कई ध्याणियां भावुक हो गई। मां भुवनेश्वरी व नंदा ने अपने पश्वाओं पर अवतरित होकर नृत्य किया और भक्तों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर गांव की विवाहिता बेटियों द्वारा देवी को श्रृंगार सामग्री भेंट की गई। इससे उपरांत देर शाम तक मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। जबकि इससे पूर्व प्रात: 6 बजे पुजारी हरीश पुरोहित द्वारा मंदिर में मां भुवनेश्वरी देवी की विशेष पूजाएं संपादित की गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष बृजमोहन पुरोहित ने बताया कि 17 नवंबर को जलयात्रा के साथ अनुष्ठान का समापन होगा। इस अवसर पर नरेंद्र पुरोहित, चक्रधर पुरोहित, घनश्याम पुरोहित, चंडी प्रसाद, राजेंद्र नेगी, बलवीर नेगी, सुबोध, राकेश रवींद्र सहित क्वीली, कुरझण, गडेरी, चोपड़ा, चापड़, डुंगरी आदि गांवों के ग्रामीण मौजूद थे।
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पांच वर्ष बाद बीते 8 नवंबर से चल रहे मां भुवनेश्वरी देवी के नौ दिवसीय देवी पूजन के सातवें दिन बुधवार को डाली कौथिग का आयोजन किया गया। धार्मिक परंपराओं के तहत भक्तों की जयकारों और वाद्य यंत्रों की थाप पर मां भगवती नंदा देवी अपनी बहन गांव की कुलदेवी आराध्य भुवनेश्वरी देवी से मिलने उसके मंदिर पहुंची। यहां पर दोनों देवी बहिनों के अद्भुत मिलन के साक्षी बने सैकड़ों भक्त भावविभोर हो गए। इस दौरान कई ध्याणियां भावुक हो गई। मां भुवनेश्वरी व नंदा ने अपने पश्वाओं पर अवतरित होकर नृत्य किया और भक्तों को आशीर्वाद दिया। इस मौके पर गांव की विवाहिता बेटियों द्वारा देवी को श्रृंगार सामग्री भेंट की गई। इससे उपरांत देर शाम तक मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। जबकि इससे पूर्व प्रात: 6 बजे पुजारी हरीश पुरोहित द्वारा मंदिर में मां भुवनेश्वरी देवी की विशेष पूजाएं संपादित की गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष बृजमोहन पुरोहित ने बताया कि 17 नवंबर को जलयात्रा के साथ अनुष्ठान का समापन होगा। इस अवसर पर नरेंद्र पुरोहित, चक्रधर पुरोहित, घनश्याम पुरोहित, चंडी प्रसाद, राजेंद्र नेगी, बलवीर नेगी, सुबोध, राकेश रवींद्र सहित क्वीली, कुरझण, गडेरी, चोपड़ा, चापड़, डुंगरी आदि गांवों के ग्रामीण मौजूद थे।
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