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मांगों के निराकरण के लिए निकाला मसाल जुलूस
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:40 PM IST
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ऊखीमठ। कार्मिक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने तहसील मुख्यालय में मशाल जुलूस निकाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने चौदह सूत्री मांगों का निराकरण नहीं होने पर नाराजगी जताई।
मंगलवार देर शाम सभी कर्मचारी व शिक्षक तहसील परिसर में एकत्रित हुए। यहां ब्लाक संयोजक शिव सिंह पंवार के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया। कर्मचारी व शिक्षक अपने-अपने हाथों में मशाल जुलूस लेकर मुख्य बाजार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। कर्मचारियों ने शिक्षक-कर्मचारियों को एसीपी का लाभ या सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां दिए जाने, शिक्षकों को 1740 का लाभ दिए जाने, 7वें वेतनमान में केंद्र के समान भत्ते दिए जाने, आउटसोर्स पर रखे कर्मचारियों को नियमित किए जाने, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी/शिक्षकों को पुरानी पेंशन लागू किए जाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी जाती है तो 17 अगस्त को देहरादून में एक विशाल रैली के बाद कर्मचारी शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इस मौके पर गजेंद्र करासी, राधे लाल आर्य, आशा बंगवाल, देवेशानंद भट्ट, देवेंद्र बजवाल, शशिकांत रावत, विनोद असवाल समेत भारी संख्या में कर्मचारी शिक्षक मौजूद थे।
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मंगलवार देर शाम सभी कर्मचारी व शिक्षक तहसील परिसर में एकत्रित हुए। यहां ब्लाक संयोजक शिव सिंह पंवार के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया। कर्मचारी व शिक्षक अपने-अपने हाथों में मशाल जुलूस लेकर मुख्य बाजार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। कर्मचारियों ने शिक्षक-कर्मचारियों को एसीपी का लाभ या सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां दिए जाने, शिक्षकों को 1740 का लाभ दिए जाने, 7वें वेतनमान में केंद्र के समान भत्ते दिए जाने, आउटसोर्स पर रखे कर्मचारियों को नियमित किए जाने, 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारी/शिक्षकों को पुरानी पेंशन लागू किए जाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी जाती है तो 17 अगस्त को देहरादून में एक विशाल रैली के बाद कर्मचारी शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। इस मौके पर गजेंद्र करासी, राधे लाल आर्य, आशा बंगवाल, देवेशानंद भट्ट, देवेंद्र बजवाल, शशिकांत रावत, विनोद असवाल समेत भारी संख्या में कर्मचारी शिक्षक मौजूद थे।
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