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जनपद में किसानों की आर्थिकी का मुख्य साधन बनेंगे फूल
Updated Sun, 25 Mar 2018 10:44 PM IST
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रुद्रप्रयाग। वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देश्य से जनपद में फूलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस वर्ष उद्यान विभाग की मदद से अगस्त्यमुनि, जखोली और ऊखीमठ ब्लाक में 25 हेक्टेयर भूमि में फूलों की खेती की जा रही है। अगले तीन माह में यह फूल तैयार हो जाएंगे, जो केदारनाथ, द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ सहित बदरीनाथ व अन्य तीर्थ स्थलों में भी सप्लाई किए जाएंगे।
उद्यान विभाग की ओर से लगभग एक माह पूर्व किसानों को गेंदा का बीज वितरित किया गया था। जनपद के मेदनपुर, जयमंडी, उथींड, मनसूना, चोपता, टेमरिया आदि क्षेत्रों में काश्तकारों के खेतों में इन दिनों गेंदे की हजारों की संख्या में पौधे तैयार हो चुकी हैं। करीब दो माह में इन पौधों पर फूल आने शुरू हो जाएंगे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मई अंतिम सप्ताह से फूलों को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मूल्य निर्धारण के बाद काश्तकारों से फूलों की खरीद कर इन्हें केदारनाथ, बदरीनाथ सहित अन्य तीर्थ स्थलों के लिए सप्लाई किया जाएगा। इसके अलावा फूलों की सप्लाई जनपद से बाहर हो, इसके लिए भी योजना तैयार की जाएगी। जनपद में वर्षों से फूलों की खेती को नया आयाम देने वाले काश्तकार जीत सिंह राणा व राकेश सिंह बिष्ट बताते हैं कि यह बारामास रोजगार का साधन है। जिला उद्यान अधिकारी जीएल मखनवाल ने बताया कि फूलों की खेती से मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है। इस वर्ष 25 हेक्टेयर में फूल उगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले दो वर्षों में दोगुना किया जाएगा। बेहतर फूलोत्पादन को लेकर काश्तकारों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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उद्यान विभाग की ओर से लगभग एक माह पूर्व किसानों को गेंदा का बीज वितरित किया गया था। जनपद के मेदनपुर, जयमंडी, उथींड, मनसूना, चोपता, टेमरिया आदि क्षेत्रों में काश्तकारों के खेतों में इन दिनों गेंदे की हजारों की संख्या में पौधे तैयार हो चुकी हैं। करीब दो माह में इन पौधों पर फूल आने शुरू हो जाएंगे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मई अंतिम सप्ताह से फूलों को तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मूल्य निर्धारण के बाद काश्तकारों से फूलों की खरीद कर इन्हें केदारनाथ, बदरीनाथ सहित अन्य तीर्थ स्थलों के लिए सप्लाई किया जाएगा। इसके अलावा फूलों की सप्लाई जनपद से बाहर हो, इसके लिए भी योजना तैयार की जाएगी। जनपद में वर्षों से फूलों की खेती को नया आयाम देने वाले काश्तकार जीत सिंह राणा व राकेश सिंह बिष्ट बताते हैं कि यह बारामास रोजगार का साधन है। जिला उद्यान अधिकारी जीएल मखनवाल ने बताया कि फूलों की खेती से मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ती है। इस वर्ष 25 हेक्टेयर में फूल उगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे अगले दो वर्षों में दोगुना किया जाएगा। बेहतर फूलोत्पादन को लेकर काश्तकारों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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