उत्तराखंड के सियासी संकट पर संघ की हर पल नजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में उपजे राजनीतिक संकट पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ भी नजर रखे हुए है। भाजपा समीक्षकों की रिपोर्ट से अलग हटकर संघ के ओहदेदार प्रदेश के राजनीतिक उतार-चढ़ाव और इसके प्रभाव को आंकने में लगे है।
यूपी और अन्य प्रदेशों में आने वाले चुनावों को ध्यान में रख कर भी इसका मूल्यांकन किया जा रहा है। बिहार में भाजपा की चुनावी हार के बाद संघ ने भाजपा की गतिविधियों पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड के अलावा यूपी में भाजपा का जीतना संघ के दृष्टिकोण से अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हरीश रावत सरकार की शुरुआत में भाजपा के अविश्वास प्रस्ताव के बाद संघ पार्टी की किसी रणनीति को फेल नहीं होने देना चाहता।
तैयार होगा भाजपा नेताओं का नया रिपोर्ट कार्ड
प्रदेश सरकार में भाजपा के आक्रामक होने के बाद संघ के रणनीतिकारों ने स्थिति की मॉनीटरिंग शुरू कर दी थी।
संघ ने प्रांतीय शाखा को इसमें सीधे हस्तक्षेप करने के लिए अभी नहीं कहा है, लेकिन केंद्रीय स्तर से भाजपा की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अगर भाजपा कोई गलती करती है तो इसका बुरा राजनीतिक प्रभाव पड़ेगा।
वैसे आलाकमान की तरफ से भाजपा को अभी सीधे कोई दिशा-निर्देश तो जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन हर राजनीतिक हलके में हो रहे विचार मंथन की रिपोर्ट संघ तक पहुंच रही है। अलग-अलग बैठकों में इसकी समीक्षा भी की जा रही है। इस स्थिति में लिए गए निर्णयों पर भाजपा नेताओं का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा।