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Roorkee News: चेक बाउंस मामले में महिला को एक वर्ष का कारावास
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चेक बाउंस के मामले में आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए न्यायालय ने एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.60 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसमें 1.50 लाख रुपये बतौर प्रतिकर प्रतिवादी को दिए जाने के आदेश दिए गए हैं।
परिवादी संजय निवासी भारुवाला की ओर से न्यायालय में दायर किए गए परिवाद में बताया गया था कि महिला पूजा के साथ उनका परिचय और रिश्तेदारी है। 8 फरवरी 2019 को उन्होंने उनसे घरेलू जरूरत के लिए 1.50 लाख रुपये उधार की मांग की थी। उन्होंने 11 फरवरी 2019 को अरविंद और जितेंद्र के समक्ष यह रकम उसे नकद उधार दे दी थी। महिला ने उन्हें दो माह में उधार ली गई रकम वापस करने का वादा करते हुए 1.50 लाख का 10 अप्रैल 2019 का एक पोस्ट डेटेड चेक उन्हें दिया था।
उन्होंने 4 व 24 मई को उक्त चेक भुगतान के लिए अपने खाते में जमा कराया था लेकिन चेक बाउंस हो गया। उन्होंने इस पर महिला को नोटिस भेजा था। इसके बावजूद महिला ने उनसे उधार ली गई रकम वापस नहीं की। इसपर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज पल्लवी गुप्ता ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.60 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड में 1.50 लाख की राशि बतौर प्रतिकर प्रतिवादी को दिए जाने के आदेश दिए गए।
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परिवादी संजय निवासी भारुवाला की ओर से न्यायालय में दायर किए गए परिवाद में बताया गया था कि महिला पूजा के साथ उनका परिचय और रिश्तेदारी है। 8 फरवरी 2019 को उन्होंने उनसे घरेलू जरूरत के लिए 1.50 लाख रुपये उधार की मांग की थी। उन्होंने 11 फरवरी 2019 को अरविंद और जितेंद्र के समक्ष यह रकम उसे नकद उधार दे दी थी। महिला ने उन्हें दो माह में उधार ली गई रकम वापस करने का वादा करते हुए 1.50 लाख का 10 अप्रैल 2019 का एक पोस्ट डेटेड चेक उन्हें दिया था।
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उन्होंने 4 व 24 मई को उक्त चेक भुगतान के लिए अपने खाते में जमा कराया था लेकिन चेक बाउंस हो गया। उन्होंने इस पर महिला को नोटिस भेजा था। इसके बावजूद महिला ने उनसे उधार ली गई रकम वापस नहीं की। इसपर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने व साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज पल्लवी गुप्ता ने आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.60 लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड में 1.50 लाख की राशि बतौर प्रतिकर प्रतिवादी को दिए जाने के आदेश दिए गए।
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