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रस्म-ए-मोहब्बत निभाएंगे.... हम आंधियों के दौर में दीपक जलाएंगे

Thu, 17 Mar 2022 10:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 10:48 PM IST
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Will perform ritual-e-mohabbat....we will light a lamp in the time of storms
होली की पूर्व संध्या पर नगर निगम कार्यालय के हॉल में ग्लोबल मीडिया साल्यूशन की ओर से आयोजित होली मिलन कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। इस अवसर पर बाल कलाकार हिमांशु और कोमल ने होली नृत्य प्रस्तुत कर सबका मन मोहा। फूलों की होली ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
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बृहस्पतिवार को शायर एवं कवि अफजल मंगलौरी के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में राजनीतिक, सामाजिक और साहित्य की विभिन विधाओं पर कविताएं, गजलें, गीत व मुक्तक प्रस्तुत किए गए। मुख्य अतिथि झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती ने कहा कि होली मिलन जैसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और प्रेम को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी सचिन गुप्ता ने कहा कि समाज में जो लोग सोशल मीडिया पर झूठ का सहारा लेकर नफरत व घृणा फैलाते हैं उससे मुकाबले का माध्यम कवि सम्मेलन, साहित्यिक, सांस्कृतिक व संगीत संगोष्ठियां हैं। अफजल मंगलौरी ने ‘सभी शिकवे गिले मिटते हैं जिसमें, है ऐसा प्यार का त्योहार होली’, डॉ. शालिनी पंत ने ‘दावतों के जश्न में अफरात है अंगूर की, जिंदगी का स्वाद फिर भी रोटियों के कौर में है’ सुनाया।
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अनीस मेरठी ने ‘आज है जैसी अपने नगर में, ऐसी हर दिन होली हो, हंसते खिलते चेहरे सबके, मीठी-मीठी बोली हो।’, महावीर सिंह वीर ने ‘शराफत भी जरूरी है, हिफाजत भी जरूरी है, वतन के सब शहीदों की, इबादत भी जरूरी है।’, डॉ. रविंद्र सैनी साज ने ‘कुछ इस तरह से रस्में मोहब्बत निभाएंगे, हम आंधियों के दौर में दीपक जलाएंगे।’, डॉ. नीरज नैथानी ने ‘हालात-ए-मुल्क देखके, हम यू भी डरे हैं, महसूस हो रहा है कि जिंदा ही मरे हैं।’ प्रस्तुत की। इसके अलावा घनश्याम बादल, ओम प्रकाश नूर, पंकज त्यागी, अनिल अमरोहवी, शशि सैनी, अनिल वर्मा अमरोहवी, सज्जा झंझट, दिनेश धीमान, पंकज त्यागी असीम, शुभांग आदि ने काव्यपाठ किया। अंत में आयोजन समिति की ओर से सुनील पटेल, बबलू सैनी, जितेंद्र मलिक, हरिओम, हसीन अहमद, देशराज, सलमान फरीदी, शकील अहमद ने कवियों, कलाकारों व अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
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