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जागते कटी आखिरी रात, जोड़तोड़ में जुटे रहे प्रत्याशी
सार
निर्वाचन आयोग ने शनिवार शाम पांच बजे प्रचार बंद करवा दिया था।प्रत्याशियों ने रूठे हुए मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट करने को मनाने के लिए आखिरी प्रयास भी किया।केंद्र में इन बैलेट पेपर को डालने के लिए दो मतपेटियां रखी होंगी।
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विस्तार
निर्वाचन आयोग ने शनिवार शाम पांच बजे प्रचार बंद करवा दिया था। जिला पंचायत से लेकर ग्राम प्रधान तक के सभी प्रत्याशी रविवार को दिनभर वोटरों के साथ सांठगांठ और जोड़तोड़ में जुटे रहे। इसके बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक रातभर गुपचुप तरीके से मतदाताओं के घर पहुंचकर संपर्क करते रहे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतिम दिन रविवार को प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने मतदाताओं के घर पहुंचकर संपर्क किया। प्रत्याशियों ने रूठे हुए मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट करने को मनाने के लिए आखिरी प्रयास भी किया। यह भी देखने में आया कि जिन गांव में प्रधान पद के दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है वहां सबसे अधिक रस्साकशी चलती रही।
प्रत्याशियों ने आखिरी रात को चुनाव का परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए हर हथकंडा अजमाया। ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशियों ने जहां लोगों को घर-घर जाकर समझाने का प्रयास किया। वहीं जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार मोबाइल पर ही वोटरों से जनसंपर्क करते रहे। कुछ प्रत्याशियों ने वीडियो कॉल करके मतदाताओं से हाथ जोड़कर उनके पक्ष में वोट करने की अपील भी की।
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वोटरों के रिश्तेदारों को बनाया हथियार
वैसे तो त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्य के चार प्रत्याशी मैदान में हैं। हालांकि इनमें एक गांव में सबसे प्रभावशाली पद प्रधान का माना जाता है इसलिए प्रधानों में ही सीधा मुकाबला होता है। चुनावी लड़ाई में जो प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में हैं वह अपने वोटरों को किसी भी स्थिति में खोना नहीं चाहते। ऐसे में इन प्रत्याशियों ने वोटरों के रिश्तेदारों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। प्रत्याशियों ने वोटरों के रिश्तेदारों से अपना संबंध निकालकर उन पर भी वोटरों को अपने पक्ष में वोट करने के लिए दबाव बनाया। किसी ने रिश्तेदारी का हवाला दिया तो किसी ने बिरादरी का हवाला देकर वोटरों को अपने पक्ष में करने का अंतिम प्रयास किया।
सुबह सात बजे शुरू हो जाएगा मतदान
रुड़की। सभी केंद्रों पर सुबह आठ बजे से मतदान हो रहा शुरू होगा। इसके लिए पीठासीन अधिकारी सुबह सात बजे ही तैयारियां शुरू कर देंगे। मतदान शाम पांच बजे तक होना। शाम पांच बजे तक यदि कोई वोटर लाइन में लग जाएगा तो वह लाइन खत्म होने तक वोट डालेगा लेकिन पांच बजे के बाद केंद्रों पर पहुंचने वाले मतदाताओं को वोट डालने का अधिकार नहीं दिया जाएगा।
इन पहचान पत्रों से वोट दे सकते हैं मतदाता
मतदान करने के लिए मतदाता के पास उसकी वोटर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, लिमिटेड कंपनी द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक व पोस्ट ऑफिस की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, फोटोयुक्त संपत्ति अभिलेख, फोटोयुक्त किसान बही, राशन कार्ड, पेंशन अभिलेख, स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, शस्त्र लाइसेंस, दिव्यांग प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसद, विधायक का पत्र, विधान परिषद सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र आदि को दिखाकर वोट दिया जा सकता है।
एक मतदाता तो को मिलेंगे चार बैलेट पेपर
केंद्रों में एक मतदाता को चार बैलेट पेपर दिए जाएंगे। इसमें जिला सदस्य पद का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का, क्षेत्र पंचायत सदस्य का बैलट पेपर नीला, ग्राम प्रधान पद का बैलेट पेपर हरा और ग्राम पंचायत सदस्य का बैलेट पेपर सफेद रंग का होगा। बैलेट पेपर पर संबंधित प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न होंगे। केंद्र में इन बैलेट पेपर को डालने के लिए दो मतपेटियां रखी होंगी। इसमें जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की एक पेटिका जबकि ग्राम प्रधान और पंचायत वार्ड सदस्य के लिए एक पेटी होगी।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतिम दिन रविवार को प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने मतदाताओं के घर पहुंचकर संपर्क किया। प्रत्याशियों ने रूठे हुए मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट करने को मनाने के लिए आखिरी प्रयास भी किया। यह भी देखने में आया कि जिन गांव में प्रधान पद के दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है वहां सबसे अधिक रस्साकशी चलती रही।
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प्रत्याशियों ने आखिरी रात को चुनाव का परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए हर हथकंडा अजमाया। ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशियों ने जहां लोगों को घर-घर जाकर समझाने का प्रयास किया। वहीं जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार मोबाइल पर ही वोटरों से जनसंपर्क करते रहे। कुछ प्रत्याशियों ने वीडियो कॉल करके मतदाताओं से हाथ जोड़कर उनके पक्ष में वोट करने की अपील भी की।
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वोटरों के रिश्तेदारों को बनाया हथियार
वैसे तो त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्य के चार प्रत्याशी मैदान में हैं। हालांकि इनमें एक गांव में सबसे प्रभावशाली पद प्रधान का माना जाता है इसलिए प्रधानों में ही सीधा मुकाबला होता है। चुनावी लड़ाई में जो प्रत्याशी प्रमुख मुकाबले में हैं वह अपने वोटरों को किसी भी स्थिति में खोना नहीं चाहते। ऐसे में इन प्रत्याशियों ने वोटरों के रिश्तेदारों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। प्रत्याशियों ने वोटरों के रिश्तेदारों से अपना संबंध निकालकर उन पर भी वोटरों को अपने पक्ष में वोट करने के लिए दबाव बनाया। किसी ने रिश्तेदारी का हवाला दिया तो किसी ने बिरादरी का हवाला देकर वोटरों को अपने पक्ष में करने का अंतिम प्रयास किया।
सुबह सात बजे शुरू हो जाएगा मतदान
रुड़की। सभी केंद्रों पर सुबह आठ बजे से मतदान हो रहा शुरू होगा। इसके लिए पीठासीन अधिकारी सुबह सात बजे ही तैयारियां शुरू कर देंगे। मतदान शाम पांच बजे तक होना। शाम पांच बजे तक यदि कोई वोटर लाइन में लग जाएगा तो वह लाइन खत्म होने तक वोट डालेगा लेकिन पांच बजे के बाद केंद्रों पर पहुंचने वाले मतदाताओं को वोट डालने का अधिकार नहीं दिया जाएगा।
इन पहचान पत्रों से वोट दे सकते हैं मतदाता
मतदान करने के लिए मतदाता के पास उसकी वोटर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, लिमिटेड कंपनी द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक व पोस्ट ऑफिस की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, फोटोयुक्त संपत्ति अभिलेख, फोटोयुक्त किसान बही, राशन कार्ड, पेंशन अभिलेख, स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, शस्त्र लाइसेंस, दिव्यांग प्रमाण पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसद, विधायक का पत्र, विधान परिषद सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र आदि को दिखाकर वोट दिया जा सकता है।
एक मतदाता तो को मिलेंगे चार बैलेट पेपर
केंद्रों में एक मतदाता को चार बैलेट पेपर दिए जाएंगे। इसमें जिला सदस्य पद का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का, क्षेत्र पंचायत सदस्य का बैलट पेपर नीला, ग्राम प्रधान पद का बैलेट पेपर हरा और ग्राम पंचायत सदस्य का बैलेट पेपर सफेद रंग का होगा। बैलेट पेपर पर संबंधित प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न होंगे। केंद्र में इन बैलेट पेपर को डालने के लिए दो मतपेटियां रखी होंगी। इसमें जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की एक पेटिका जबकि ग्राम प्रधान और पंचायत वार्ड सदस्य के लिए एक पेटी होगी।