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इंतजार खत्म, ढंडेरा को मिला नगर पंचायत का दर्जा
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रुड़की। ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है। ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर करीब छह साल से कवायद चल रही थी। शासनादेश जारी होने से लोगों में खुशी का माहौल है।
वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने की घोषणा की थी। हालांकि तब इस घोषणा का शासनादेश जारी नहीं हो पाया था। इसी बीच विधानसभा चुनाव के शोर में यह मामला दब गया। क्षेत्रीय लोग लगातार ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर प्रयास करते रहे। वहीं इसी साल तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिले में चार नगर पंचायतों को बनाए जाने की घोषणा की। इसमें इमलीखेड़ा, पाडली, रामपुर और ढंडेरा शामिल थे। इस घोषणा का शासनादेश जारी होता कि इससे पहले ही तीरथ सिंह रावत सीएम बन गए। ऐसे में यह मामला फिर अटक गया। बीच में कुछ लोग मामले को लेकर कोर्ट भी गए। इसी बीच पाडली को नगर पंचायत बनाने की घोषणा हुई और इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया। वहीं अब पंचायत चुनाव भी नजदीक आने लगे हैं। ऐसे में ढंडेरा को लेकर कोई फैसला नहीं होने पर ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा था। इस बीच शहरी विकास मंत्रालय के सचिव प्रभारी विनोद कुमार सुमन ने ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश जारी होने के बाद लोगों में खुशी का माहौल बना हुआ है।
इमलीखेड़ा और रामपुर पर अभी भी संशय
ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने के शासनादेश के बाद सियासी गलियारों में फिर से हलचल शुरू हो गई है, क्योंकि जिले में अब इमलीखेड़ा और रामपुर को नगर पंचायत बनाए जाना शेष रह गया है। अब इन दोनों गांव के लोगों में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दरअसल इमलीखेड़ा में गुम्मावाला माजरी और रांघड़वाला को जोड़कर नगर पंचायत बनाई जानी तय है और रामपुर में सालियर और इब्राहिमपुर देह को जोड़कर नगर पंचायत बननी है। शासनादेश जारी नहीं होने के चलते दोनों नगर पंचायत पर संशय बना हुआ है। इन छह गांवों के लोग शासनादेश जारी नहीं होने के चलते पंचायत चुनाव की तैयारी भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।
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वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने की घोषणा की थी। हालांकि तब इस घोषणा का शासनादेश जारी नहीं हो पाया था। इसी बीच विधानसभा चुनाव के शोर में यह मामला दब गया। क्षेत्रीय लोग लगातार ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर प्रयास करते रहे। वहीं इसी साल तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिले में चार नगर पंचायतों को बनाए जाने की घोषणा की। इसमें इमलीखेड़ा, पाडली, रामपुर और ढंडेरा शामिल थे। इस घोषणा का शासनादेश जारी होता कि इससे पहले ही तीरथ सिंह रावत सीएम बन गए। ऐसे में यह मामला फिर अटक गया। बीच में कुछ लोग मामले को लेकर कोर्ट भी गए। इसी बीच पाडली को नगर पंचायत बनाने की घोषणा हुई और इसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया। वहीं अब पंचायत चुनाव भी नजदीक आने लगे हैं। ऐसे में ढंडेरा को लेकर कोई फैसला नहीं होने पर ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा था। इस बीच शहरी विकास मंत्रालय के सचिव प्रभारी विनोद कुमार सुमन ने ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने को लेकर शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश जारी होने के बाद लोगों में खुशी का माहौल बना हुआ है।
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इमलीखेड़ा और रामपुर पर अभी भी संशय
ढंडेरा को नगर पंचायत बनाए जाने के शासनादेश के बाद सियासी गलियारों में फिर से हलचल शुरू हो गई है, क्योंकि जिले में अब इमलीखेड़ा और रामपुर को नगर पंचायत बनाए जाना शेष रह गया है। अब इन दोनों गांव के लोगों में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दरअसल इमलीखेड़ा में गुम्मावाला माजरी और रांघड़वाला को जोड़कर नगर पंचायत बनाई जानी तय है और रामपुर में सालियर और इब्राहिमपुर देह को जोड़कर नगर पंचायत बननी है। शासनादेश जारी नहीं होने के चलते दोनों नगर पंचायत पर संशय बना हुआ है। इन छह गांवों के लोग शासनादेश जारी नहीं होने के चलते पंचायत चुनाव की तैयारी भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।
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