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महिलाएं धरने पर बैठी, हाईवे निर्माण बंद कराया
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लंढौरा। नगला इमरती में हाईवे बाईपास के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा नहीं मिलने और स्टे होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने के विरोध में महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने हाईवे पर ही धरना शुरू कर निर्माण कार्य भी बंद करवा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आठ महिलाओं समेत 17 लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में कोतवाली ले जाकर सभी का चालान कर दिया गया।
नगला इमरती निवासी हाफिज इरफान समेत उनके तीन भाइयों की भूमि नेशनल हाईवे बाईपास के लिए अधिग्रहण की गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। मंगलवार को इरफान के परिवार की महिलाएं निर्माणाधीन हाईवे पर पहुंचीं और हंगामा करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा देने की मांग को लेकर धरने पर बैठ र्गइं। इस दौरान हाफिज इरफान ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि को अधिग्रहीत किया गया था, लेकिन उनको मुआवजा नहीं दिया गया है। आरोप लगाया कि बाईपास निर्माण में उनकी एक भूमि पर कोर्ट से स्टे भी ले रखा है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। इस दौरान धरने पर बैठी महिलाओं ने नारेबाजी भी की। मौके पर पहुंचे एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं।
इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। तत्काल सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी राजेश साह और गंगनहर कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि मोहम्मद आजम, सुहेब, यूनुस, सूफियान, मुबारिक, इंतजार, मेहरबान, सुलेमान, रिजवान, शहनाज, जहीदा, फरमूदा, मुंजी राणा, रुबीना, नूर जहां, जहीरा, सगुता का चालान कर दिया गया है। वहीं, एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर राघव त्रिपाठी ने बताया कि वार्ता में मामला निपटा लिया जाएगा। इस दौरान सहायक इंजीनियर अभिषेक कुमार, हरीश राघव और कानूनगो मंगेश त्यागी भी मौजूद रहे।
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नगला इमरती निवासी हाफिज इरफान समेत उनके तीन भाइयों की भूमि नेशनल हाईवे बाईपास के लिए अधिग्रहण की गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। मंगलवार को इरफान के परिवार की महिलाएं निर्माणाधीन हाईवे पर पहुंचीं और हंगामा करते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा देने की मांग को लेकर धरने पर बैठ र्गइं। इस दौरान हाफिज इरफान ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि को अधिग्रहीत किया गया था, लेकिन उनको मुआवजा नहीं दिया गया है। आरोप लगाया कि बाईपास निर्माण में उनकी एक भूमि पर कोर्ट से स्टे भी ले रखा है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। इस दौरान धरने पर बैठी महिलाओं ने नारेबाजी भी की। मौके पर पहुंचे एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानीं।
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इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। तत्काल सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी राजेश साह और गंगनहर कोतवाली प्रभारी मनोज मैनवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई। कोतवाली प्रभारी राजेश साह ने बताया कि मोहम्मद आजम, सुहेब, यूनुस, सूफियान, मुबारिक, इंतजार, मेहरबान, सुलेमान, रिजवान, शहनाज, जहीदा, फरमूदा, मुंजी राणा, रुबीना, नूर जहां, जहीरा, सगुता का चालान कर दिया गया है। वहीं, एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर राघव त्रिपाठी ने बताया कि वार्ता में मामला निपटा लिया जाएगा। इस दौरान सहायक इंजीनियर अभिषेक कुमार, हरीश राघव और कानूनगो मंगेश त्यागी भी मौजूद रहे।
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