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Roorkee News: अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो बदमाश गिरफ्तार
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कोतवाली पुलिस ने क्षेत्र में सक्रिय एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो चोरों को गिरफ्तार किया है। उनका एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से चुराई गई कुल 08 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
कुछ दिन पहले हाईवे पर स्थित एक निजी अस्पताल की पार्किंग से मंगलौर क्षेत्र के कुमराड़ी निवासी इनाम की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। इस सनसनीखेज चोरी की घटना के बाद पीड़ित वाहन स्वामी ने कोतवाली में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित कर आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान वाहन चोर कैमरों में कैद हो गए। उनके हुलिए और फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त की।
चोरों की सुरागरसी और धरपकड़ के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी मदद का सहारा लिया। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के रास्तों और संदिग्ध मार्गों पर लगे लगभग 171 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से खंगाली। इसी कड़ी मेहनत और खुफिया तंत्र की पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मोनू उर्फ मन्नू निवासी ढंडेरा फाटक, रुड़की और उसके एक नाबालिग साथी को दबोच लिया।
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उनका तीसरा साथी मांगेराम पुलिस के हाथ नहीं लग सका और मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिनय चौधरी ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लंढौरा रोड स्थित एक सुनसान बाग में छिपाकर रखी गई चोरी की कुल 08 मोटरसाइकिलें बरामद कर लीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी मोटरसाइकिलें मंगलौर और आसपास के विभिन्न जिलों से चोरी की गई थीं।
शौक पूरे करने के लिए चुराते थे सिर्फ ‘स्प्लेंडर’ बाइक
खरीदार न मिलने पर पुर्जे निकालकर बेच देते थे बाजार में
अरविंद गोयल
मंगलौर। क्षेत्र में वाहन चोरों का एक ऐसा शातिर गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है जिनकी वारदातों का तरीका और पसंद हैरान करने वाली थी। पुलिस की गिरफ्त में आए इन चोरों के मुख्य निशाने पर सिर्फ और सिर्फ स्प्लेंडर बाइक हुआ करती थी।
पुलिस ने सघन चेकिंग और कार्रवाई के दौरान इनके पास से जो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं वे सभी स्प्लेंडर ही हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि ये लोग चोरी की बाइकों को सीधे तौर पर बेचने की फिराक में थे। यदि वाहन खरीदार नहीं मिलते थे या वाहन बेचने में जोखिम होता था तो ये शातिर चोर चोरी की बाइकों के महंगे स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग निकालकर बाजार में बेच दिया करते थे जिससे इन्हें आसानी से और अच्छे दाम मिल जाते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए आरोपी अपने महंगे शौक पूरा करने के लिए वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। स्प्लेंडर बाइक की मांग बाजार में अधिक होने और इसके स्पेयर पार्ट्स आसानी से बिक जाने के कारण ये चोर इसी मॉडल को अपना आसान निशाना बनाते थे।
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कुछ दिन पहले हाईवे पर स्थित एक निजी अस्पताल की पार्किंग से मंगलौर क्षेत्र के कुमराड़ी निवासी इनाम की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। इस सनसनीखेज चोरी की घटना के बाद पीड़ित वाहन स्वामी ने कोतवाली में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित कर आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान वाहन चोर कैमरों में कैद हो गए। उनके हुलिए और फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की शिनाख्त की।
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चोरों की सुरागरसी और धरपकड़ के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी मदद का सहारा लिया। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के रास्तों और संदिग्ध मार्गों पर लगे लगभग 171 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से खंगाली। इसी कड़ी मेहनत और खुफिया तंत्र की पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए मोनू उर्फ मन्नू निवासी ढंडेरा फाटक, रुड़की और उसके एक नाबालिग साथी को दबोच लिया।
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उनका तीसरा साथी मांगेराम पुलिस के हाथ नहीं लग सका और मौका पाकर फरार हो गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिनय चौधरी ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लंढौरा रोड स्थित एक सुनसान बाग में छिपाकर रखी गई चोरी की कुल 08 मोटरसाइकिलें बरामद कर लीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी मोटरसाइकिलें मंगलौर और आसपास के विभिन्न जिलों से चोरी की गई थीं।
शौक पूरे करने के लिए चुराते थे सिर्फ ‘स्प्लेंडर’ बाइक
खरीदार न मिलने पर पुर्जे निकालकर बेच देते थे बाजार में
अरविंद गोयल
मंगलौर। क्षेत्र में वाहन चोरों का एक ऐसा शातिर गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है जिनकी वारदातों का तरीका और पसंद हैरान करने वाली थी। पुलिस की गिरफ्त में आए इन चोरों के मुख्य निशाने पर सिर्फ और सिर्फ स्प्लेंडर बाइक हुआ करती थी।
पुलिस ने सघन चेकिंग और कार्रवाई के दौरान इनके पास से जो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं वे सभी स्प्लेंडर ही हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि ये लोग चोरी की बाइकों को सीधे तौर पर बेचने की फिराक में थे। यदि वाहन खरीदार नहीं मिलते थे या वाहन बेचने में जोखिम होता था तो ये शातिर चोर चोरी की बाइकों के महंगे स्पेयर पार्ट्स अलग-अलग निकालकर बाजार में बेच दिया करते थे जिससे इन्हें आसानी से और अच्छे दाम मिल जाते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पकड़े गए आरोपी अपने महंगे शौक पूरा करने के लिए वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। स्प्लेंडर बाइक की मांग बाजार में अधिक होने और इसके स्पेयर पार्ट्स आसानी से बिक जाने के कारण ये चोर इसी मॉडल को अपना आसान निशाना बनाते थे।