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अस्पताल में भटकते रहे हड्डी के मरीज
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सिविल अस्पताल में तीन-तीन हड्डी रोग विशेषज्ञों की तैनाती के बावजूद हड्डी के रोगों से संबंधित मरीजों को निराश लौटना पड़ रहा है। एक भी डॉक्टर की सेवाएं नहीं मिलने से मरीजों को या तो निजी अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है या फिर डॉक्टर के इंतजार में आए दिन अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सिविल अस्पताल में रुड़की के अलावा आसपास के मंगलौर, झबरेड़ा, कलियर, नारसन, लंढौरा आदि ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। यहां डॉक्टर नहीं मिलते तो उन्हें निराश लौटना पड़ता है। वर्तमान में ये स्थिति अस्पताल पहुंच रहे हड्डी रोग से संबंधित मरीजों की है। क्योंकि, सिविल अस्पताल में तैनात तीन हड्डी रोग विशेषज्ञों में से वर्तमान में एक भी डॉक्टर अस्पताल में नहीं हैं। इनमें से एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके दुबे हरिद्वार जिला अस्पताल में अटैच हैं। डॉ. अफजल चारधाम यात्रा की ड्यूटी पर गए थे, लेकिन वह अभी तक वापस नहीं लौटे हैं। अस्पताल प्रबंधक की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद डॉक्टर की वापसी नहीं हो रही है।
ऑर्थो सर्जन डॉ. राजकुमार की ड्यूटी बहुउद्देशीय शिविर में लगा दी गई है। ये शिविर आगामी 23 दिसंबर तक चलेंगे। इसके चलते डॉ. राजकुमार अस्पताल में अब बहुत कम मिल पाएंगे। ऐसे में हड्डी के मरीज भटकने को मजबूर हैं। बुधवार को कलियर से पहुंचीं असमा ने बताया कि वे तीन दिन से लगातार अस्पताल पहुंचकर निराश लौट रही हैं। मंगलौर से आए अकरम और साजिद भी हड्डी के डॉक्टर को ढूंढते नजर आए। एक ही दिन में करीब 50 से अधिक मरीज हड्डी के डॉक्टर नहीं मिलने से निराश होकर लौटे। वहीं, प्रभारी सीएमएस डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि चारधाम यात्रा पर गए डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है। प्रयास रहेगा कि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
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सिविल अस्पताल में रुड़की के अलावा आसपास के मंगलौर, झबरेड़ा, कलियर, नारसन, लंढौरा आदि ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज इलाज कराने पहुंचते हैं। यहां डॉक्टर नहीं मिलते तो उन्हें निराश लौटना पड़ता है। वर्तमान में ये स्थिति अस्पताल पहुंच रहे हड्डी रोग से संबंधित मरीजों की है। क्योंकि, सिविल अस्पताल में तैनात तीन हड्डी रोग विशेषज्ञों में से वर्तमान में एक भी डॉक्टर अस्पताल में नहीं हैं। इनमें से एक हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके दुबे हरिद्वार जिला अस्पताल में अटैच हैं। डॉ. अफजल चारधाम यात्रा की ड्यूटी पर गए थे, लेकिन वह अभी तक वापस नहीं लौटे हैं। अस्पताल प्रबंधक की ओर से नोटिस जारी होने के बावजूद डॉक्टर की वापसी नहीं हो रही है।
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ऑर्थो सर्जन डॉ. राजकुमार की ड्यूटी बहुउद्देशीय शिविर में लगा दी गई है। ये शिविर आगामी 23 दिसंबर तक चलेंगे। इसके चलते डॉ. राजकुमार अस्पताल में अब बहुत कम मिल पाएंगे। ऐसे में हड्डी के मरीज भटकने को मजबूर हैं। बुधवार को कलियर से पहुंचीं असमा ने बताया कि वे तीन दिन से लगातार अस्पताल पहुंचकर निराश लौट रही हैं। मंगलौर से आए अकरम और साजिद भी हड्डी के डॉक्टर को ढूंढते नजर आए। एक ही दिन में करीब 50 से अधिक मरीज हड्डी के डॉक्टर नहीं मिलने से निराश होकर लौटे। वहीं, प्रभारी सीएमएस डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि चारधाम यात्रा पर गए डॉक्टर को नोटिस जारी किया गया है। प्रयास रहेगा कि मरीजों को कोई परेशानी न हो।
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