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फिर खुला डेंगू वार्ड का ताला, छह भर्ती
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दीपावली के बाद बंद किया गया सिविल अस्पताल का डेंगू वार्ड एक बार फिर खोलना पड़ा है। अस्पताल में डेंगू से पीड़ित छह मरीज भर्ती किए गए हैं। वैसे तो सबकी हालात में सुधार है, लेकिन प्लेटलेट्स की कमी बताई जा रही है। मरीजों में एक पिता और पुत्री तो दो अस्पताल के सदस्य शामिल हैं। एक साथ छह मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग फिर से सक्रिय हो गया है।
दीपावली के बाद जिले में डेंगू के मरीज आने बंद हो गए थे। पांच नवंबर के बाद करीब पांच दिन तक अस्पताल में कोई मरीज नहीं आया। अस्पताल में भर्ती सभी मरीज ठीक होकर घर चले गए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को लगा कि अब डेंगू का खतरा टल गया है। इस बीच एक हफ्ते पहले संदिग्ध बुखार से एक छात्रा और एक युवक की मौत के बाद डेंगू के मामले फिर आने शुरू हो गए हैं। हालांकि, जांच में युवक और छात्रा में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई थी। अब धीरे-धीरे डेंगू के मरीज फिर सामने आने लगे हैं। कुछ बुखार पीड़ितों में डेंगू की रैपिड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। इन मरीजों में से छह की हालत ठीक न होने के चलते उन्हें सिविल अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है।
इनकी प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थी। दो मरीज रुड़की के रहने वाले हैं। इसके अलावा एक मरीज अस्पताल कर्मचारी की पत्नी है जबकि एक अन्य मरीज एएनएम का पति है। एक महिला मरीज दौलतपुर गांव की रहने वाली है। इस गांव में डेंगू के कई मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, एक मरीज बिजोपुरा गांव निवासी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि जिन मरीजों की डेंगू की रैपिड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनके ब्लड की एलाइजा जांच कराई जाएगी। यदि किसी इलाके में ज्यादा केस मिलते हैं तो वहां शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने लगी है। इसलिए अब डेंगू के फैलने की आशंका बेहद कम है। डेंगू के मच्छर ठंड के मौसम में निष्क्रिय हो जाते हैं।
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दीपावली के बाद जिले में डेंगू के मरीज आने बंद हो गए थे। पांच नवंबर के बाद करीब पांच दिन तक अस्पताल में कोई मरीज नहीं आया। अस्पताल में भर्ती सभी मरीज ठीक होकर घर चले गए थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को लगा कि अब डेंगू का खतरा टल गया है। इस बीच एक हफ्ते पहले संदिग्ध बुखार से एक छात्रा और एक युवक की मौत के बाद डेंगू के मामले फिर आने शुरू हो गए हैं। हालांकि, जांच में युवक और छात्रा में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई थी। अब धीरे-धीरे डेंगू के मरीज फिर सामने आने लगे हैं। कुछ बुखार पीड़ितों में डेंगू की रैपिड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। इन मरीजों में से छह की हालत ठीक न होने के चलते उन्हें सिविल अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है।
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इनकी प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थी। दो मरीज रुड़की के रहने वाले हैं। इसके अलावा एक मरीज अस्पताल कर्मचारी की पत्नी है जबकि एक अन्य मरीज एएनएम का पति है। एक महिला मरीज दौलतपुर गांव की रहने वाली है। इस गांव में डेंगू के कई मरीज सामने आ चुके हैं। वहीं, एक मरीज बिजोपुरा गांव निवासी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि जिन मरीजों की डेंगू की रैपिड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनके ब्लड की एलाइजा जांच कराई जाएगी। यदि किसी इलाके में ज्यादा केस मिलते हैं तो वहां शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ठंड बढ़ने लगी है। इसलिए अब डेंगू के फैलने की आशंका बेहद कम है। डेंगू के मच्छर ठंड के मौसम में निष्क्रिय हो जाते हैं।
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