कलियर दरगाह इमाम साहब में हजरत अबू सालेह उर्फ इमाम पाक का उर्स मुबारक बड़ी अकीदत के साथ मनाया गया। आखिरी रस्म गुस्ल शरीफ के बाद उर्स संपन्न हुआ। अकीदतमंदों ने उर्स में शिरकत कर मन्नतें मांगीं।
हजरत अबू सालेह इमाम साहब का सालाना उर्स इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मुहर्रम की पहली तारीख से मेहंदी डोरी की रस्म के साथ शुरू हो गया था। मंगलवार को दरगाह साबिर पाक के सज्जादा नशीन शाह अली एजाज साबरी ने उर्स की आखिरी रस्म गुस्ल शरीफ अदा की। इसी के साथ उर्स संपन्न हो गया। इस दौरान देश में अमनो अमान की दुआ की गई। इससे पहले सोमवार शाम को हाजी सलीम उर्फ लाला और अकीदतमंदों ने नमाज मगरिब दरगाह में लंगर बांटा और उर्स में आए सैकड़ों लोगों को खाना खिलाया। नमाज ईशा उर्स की मुख्य रस्म कुल शरीफ अदा की गई। हाफिज अब्दुल वाहिद ने तिलावते कुरआन से कुल शरीफ किया। इसके बाद महफिले समा का आयोजन किया गया। इस मौके पर शाह सुहैल, साहिबजादा शाह यावर एजाज, अदील हबीब, असद साबरी, शाह राजी, नौमी मियां, डॉ. इनाम साबिर, मुनव्वर अली साबरी, सफीक साबरी, अरशद त्यागी, मुस्तफा त्यागी, फुरकान मालिक, मेहरबान साबरी, शान साबरी और अमीर साबरी आदि मौजूद रहे।