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जांच टीम ने निगम पहुंचकर की मेयर के खिलाफ आरोपों की पड़ताल
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हाईकोर्ट के आदेश पर मेयर के खिलाफ शुरू हुई जांच के मद्देनजर गठित जांच कमेटी के सदस्यों ने नगर निगम पहुंचकर आरोपों की पड़ताल की। टीम ने निगम के अधिकारियों के आरोपों से जुड़े दस्तावेज जांचे और अपने साथ ले गई। टीम ने मेयर और इस मामले से जुड़े अन्य किसी व्यक्ति के बयान नहीं लिए।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने विगत 21 जुलाई को मेयर गौरव गोयल के खिलाफ रुड़की निवासी अमित अग्रवाल की ओर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन को दो माह में मामले के निस्तारण के निर्देश दिए थे। याचिका में शिकायतकर्ता ने मेयर पर लीज की संपत्ति के नवीनीकरण के एवज में 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने और फोरेंसिक जांच में इस ऑडियो का मिलान मेयर की आवाज से होने की बात कही थी। साथ ही अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निगम की फाइलों पर लिखने, चुनिंदा ठेकेदारों की फाइलों की जांच कराने का आरोप लगाया था।
याचिका में एक कर्मचारी की पत्नी को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया गया था। मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद बाद शहरी विकास सचिव की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को शिकायत के संबंध में जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन को जांच अधिकारी नियुक्त कर जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने अपनी अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन करते हुए इसमें डीआरडीए हरिद्वार के परियोजना निदेशक, मुख्य कोषाधिकारी हरिद्वार और ग्रामीण निर्माण विभाग हरिद्वार के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया।
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शनिवार को टीम के सदस्यों में परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, मुख्य कोषाधिकारी ऋतु भंडारी और अधिशासी अभियंता नगर निगम में जांच के लिए पहुंचे। इस दौरान टीम ने शिकायत से संबंधित सभी दस्तावेजों का निरीक्षण किया और कुछ दस्तावेज अपने पास रख लिए। इसके बाद टीम लौट गई। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता ने बताया कि टीम ने निगम एक्ट के बारे में जानकारी ली है। साथ ही प्रोक्योरमेंट नियमावली व अन्य मामलों से संबंधित कागजों का निरीक्षण किया है। टीम ने जो भी जानकारी मांगी है, उन्हें उपलब्ध करा दी गई।
बयान देने के लिए पहुंची महिला
एक महिला ने मेयर के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। पुलिस जांच कर रही है। टीम के पहुंचने की सूचना मिलने पर महिला निगम पहुंची लेकिन टीम ने मामला पुलिस में होने के कारण बयान लेने से इनकार कर दिया।
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गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने विगत 21 जुलाई को मेयर गौरव गोयल के खिलाफ रुड़की निवासी अमित अग्रवाल की ओर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए शासन को दो माह में मामले के निस्तारण के निर्देश दिए थे। याचिका में शिकायतकर्ता ने मेयर पर लीज की संपत्ति के नवीनीकरण के एवज में 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने और फोरेंसिक जांच में इस ऑडियो का मिलान मेयर की आवाज से होने की बात कही थी। साथ ही अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निगम की फाइलों पर लिखने, चुनिंदा ठेकेदारों की फाइलों की जांच कराने का आरोप लगाया था।
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याचिका में एक कर्मचारी की पत्नी को प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया गया था। मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद बाद शहरी विकास सचिव की ओर से जिलाधिकारी हरिद्वार को शिकायत के संबंध में जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी प्रतीक जैन को जांच अधिकारी नियुक्त कर जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने अपनी अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन करते हुए इसमें डीआरडीए हरिद्वार के परियोजना निदेशक, मुख्य कोषाधिकारी हरिद्वार और ग्रामीण निर्माण विभाग हरिद्वार के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया।
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शनिवार को टीम के सदस्यों में परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, मुख्य कोषाधिकारी ऋतु भंडारी और अधिशासी अभियंता नगर निगम में जांच के लिए पहुंचे। इस दौरान टीम ने शिकायत से संबंधित सभी दस्तावेजों का निरीक्षण किया और कुछ दस्तावेज अपने पास रख लिए। इसके बाद टीम लौट गई। नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता ने बताया कि टीम ने निगम एक्ट के बारे में जानकारी ली है। साथ ही प्रोक्योरमेंट नियमावली व अन्य मामलों से संबंधित कागजों का निरीक्षण किया है। टीम ने जो भी जानकारी मांगी है, उन्हें उपलब्ध करा दी गई।
बयान देने के लिए पहुंची महिला
एक महिला ने मेयर के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। पुलिस जांच कर रही है। टीम के पहुंचने की सूचना मिलने पर महिला निगम पहुंची लेकिन टीम ने मामला पुलिस में होने के कारण बयान लेने से इनकार कर दिया।