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Roorkee News: बार कोड से बनने वाले पर्चों से अस्पताल ने कमाए 60 हजार
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IIहर पर्चे पर अस्पताल को मिलते हैं 20 रुपये, अभी तक बन चुके तीन हजार
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Iमरीज देते हैं सिर्फ 20 रुपये, अस्पताल में संसाधन जुड़ेंगे
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Iसिविल अस्पताल रुड़की में मरीजों के लिए पर्चा बनवाना अब आसान हो चुका है। मोबाइल से बार-कोड स्कैन करते ही पर्चा बन जाता है। इससे लाइन में लगने का झंझट भी खत्म हो गया है। मरीजों को अस्पताल के इस सिस्टम का काफी लाभ मिल रहा है। वहीं, अस्पताल को भी दोहरा लाभ पहुंच रहा है। पर्चा बनाना आसान होने के साथ अस्पताल को बार-कोड से बनने वाले हर पर्चे पर 20 रुपये अतिरिक्त मिल रहे हैं। अभी तक इस सिस्टम से तीन हजार पर्चे बनने से अस्पताल के कोष में 60 हजार रुपये जमा हो चुके हैं।
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Iसिविल अस्पताल रुड़की में करीब दो माह पहले मरीजों की सुविधा के लिए बार कोड सिस्टम लागू किया गया था। मरीज धीरे-धीरे इससे जुड़कर पर्चे बनवा रहे हैं। मोबाइल से स्कैन करने के साथ पर्चा बन जाता है। साथ ही उसका भुगतान ऑनलाइन हो जाता है। इससे मरीजों का लाइन में लगने वाला समय बच रहा। वहीं इसका फायदा अस्पताल को भी मिल रहा है।
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Iअस्पताल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मनोज नवानी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर यह व्यवस्था की गई। सभी कार्यों को डिजिटल करने पर जोर है। बार कोड से जो भी पर्चा बनवाया जा रहा है, केंद्र सरकार उस पर 20 रुपये अस्पताल को दे रही है। हालांकि मरीज को पर्चे के 20 रुपये ही देने हैं। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल अभी तक तीन हजार पर्चे बार कोड से बना चुका है। जिससे 60 हजार रुपये अस्पताल को मिल चुके हैं। जिसे अस्पताल के विकास कार्यों में लगाया जाएगा।I
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IIहर पर्चे पर अस्पताल को मिलते हैं 20 रुपये, अभी तक बन चुके तीन हजार
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Iमरीज देते हैं सिर्फ 20 रुपये, अस्पताल में संसाधन जुड़ेंगे
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Iसिविल अस्पताल रुड़की में मरीजों के लिए पर्चा बनवाना अब आसान हो चुका है। मोबाइल से बार-कोड स्कैन करते ही पर्चा बन जाता है। इससे लाइन में लगने का झंझट भी खत्म हो गया है। मरीजों को अस्पताल के इस सिस्टम का काफी लाभ मिल रहा है। वहीं, अस्पताल को भी दोहरा लाभ पहुंच रहा है। पर्चा बनाना आसान होने के साथ अस्पताल को बार-कोड से बनने वाले हर पर्चे पर 20 रुपये अतिरिक्त मिल रहे हैं। अभी तक इस सिस्टम से तीन हजार पर्चे बनने से अस्पताल के कोष में 60 हजार रुपये जमा हो चुके हैं।
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Iसिविल अस्पताल रुड़की में करीब दो माह पहले मरीजों की सुविधा के लिए बार कोड सिस्टम लागू किया गया था। मरीज धीरे-धीरे इससे जुड़कर पर्चे बनवा रहे हैं। मोबाइल से स्कैन करने के साथ पर्चा बन जाता है। साथ ही उसका भुगतान ऑनलाइन हो जाता है। इससे मरीजों का लाइन में लगने वाला समय बच रहा। वहीं इसका फायदा अस्पताल को भी मिल रहा है।
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Iअस्पताल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मनोज नवानी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर यह व्यवस्था की गई। सभी कार्यों को डिजिटल करने पर जोर है। बार कोड से जो भी पर्चा बनवाया जा रहा है, केंद्र सरकार उस पर 20 रुपये अस्पताल को दे रही है। हालांकि मरीज को पर्चे के 20 रुपये ही देने हैं। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि अस्पताल अभी तक तीन हजार पर्चे बार कोड से बना चुका है। जिससे 60 हजार रुपये अस्पताल को मिल चुके हैं। जिसे अस्पताल के विकास कार्यों में लगाया जाएगा।I
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