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15 अप्रैल तक की मोहलत, इसके बाद चलेगा डंडा
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अतिक्रमण और जाम की समस्या से निजात के लिए एक बार फिर कवायद शुरू हुई है। शुक्रवार को नगर निगम सभागार में निगम और पुलिस अधिकारियों की व्यापारियों के साथ हुई बैठक में तय किया गया 15 अप्रैल तक व्यापारियों को खुद अतिक्रमण हटाने के लिए एनाउंसमेंट कर जागरूक किया जाएगा। इसके बाद स्थायी और अस्थायी सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे। नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला ने कहा कि अभियान के दौरान जब्त किया गया सामान किसी को फ्री में वापस नहीं होगा क्योंकि इसमें सरकार का समय, प्रयास और पैसा लगता है। पॉलिथीन के थोक व्यापारियों को एक हफ्ते का समय दिया जा रहा है। इसके बाद ठोस कार्रवाई होगी।
पार्किंग है नहीं तो वाहन कहां खड़ा करें
शहर में जाम और अतिक्रमण पर खूब चर्चा होती है लेकिन पार्किंग जैसी जरूरी सुविधा विकसित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। जबकि, तीन साल पहले मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत शहर में एक मल्टी पर्किंग स्टोरी की योजना स्वीकृत है। बैठक में व्यापारियों ने कुछ ऐसे ही सवाल उठाए। कहा कि पुलिस बाजारों में खड़े होने वाले वाहनों का चालान करेगी लेकिन सवाल यह है कि पार्किंग स्थल चिह्नित नहीं हैं। ऐसे में वाहनों को कहां खड़ा किया जाए। इस पर सीओ विवेक कुमार ने जल्द ही पार्किंग निर्धारित करने की बात कही।
वेंडिंग जोन बनाने पर नहीं जोर, सर्वे पर भी मौन
शहर में पांच सालों से वेंडिंग जोन की कवायद पूरी नहीं हो पाई है। रेहड़ी वालों के खड़े होने के लिए कोई जगह चिह्नित नहीं है, न ही वेंडिंग जोन बनाकर सुविधाएं दी जा रही हैं। अब निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू कर दी है। ऐसे में फिर से रेहड़ी वालों पर डंडा चलेगा। इसे लेकर वेंडर्स एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सवाल उठाए। एसोसिएशन के मुमताज अब्बास नकवी ने कहा कि पहले बड़ों पर कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन पहले रेहड़ी वालों पर डंडा चलता है। इस पर नगर आयुक्त ने सभी पर समान कार्रवाई की बात कही। कहा कि केवल ठेले ही नहीं स्थायी अतिक्रमण भी हटेगा। प्रदेश अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने वेंडिंग जोन बनाने और सभी वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन करने के लिए सर्वे कराने की मांग की. लेकिन वेंडिंग जोन और वेडरों का सर्वे कराने पर किसी ने प्रतिक्रिया नहीं दी।
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...फिर ई-रिक्शा और गाड़ियों को भी हटवा दो
शहर में कई वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। वेंडर्स एसोसिएशन ने फेरी नीति के तहत पांच वर्ष में वेंडरों का सर्वे कराने और छूटे वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन करने की बात कही। मांग उठाई कि जिन वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उनको जबरन न हटाया जाए। आयुक्त ने कहा कि शहर की क्षमता के हिसाब से ही वेंडर्स को अनुमति दी जाएगी। इस पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सवाल किया कि शहर में ई-रिक्शा और कार की संख्या क्षमता से अधिक हो तो फिर उन्हें भी हटाया जाना चाहिए।
खुशहाली के साथ अतिक्रमण भी आया
व्यापारी नेता रामगोपाल कंसल और प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष धीर सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते कई बार व्यापारियों में खुशहाली आई है और इसी के साथ ही अतिक्रमण की समस्या भी आ रही है। उन्होंने अतिक्रमण हटाने से पहले व्यापारियों को जागरूक करने के लिए समय मांगा। साथ ही कहा कि नेहरू स्टेडियम से बीएसएम तिराहे तक बने अनगिनत गड्ढों से गुजरते समय पेट में दर्द हो जाता है।
सीओ विवेक कुमार ने समस्याएं बताई और समाधान भी
सीओ विवेक कुमार ने कहा कि एक व्यापारी या सामान्य व्यक्ति के अतिक्रमण से सैकड़ों लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में अतिक्रमण हटाना पूरे समाज के लिए जरूरी है। शहर के जिन पुराने बाजारों में अतिक्रमण के चलते पहुंचने में दिक्कत आती है, वहां आने वाले समय में अतिक्रमण और जाम के चलते ही लोग जाने से कतराने लगेंगे। इससे व्यापारियों का ही नुकसान होगा। उन्होंने देहरादून के पलटन बाजार और चंडीगढ़ के रेहड़ी मार्केट मॉडल का जिक्र किया। इसके तहत सड़क किनारे वाहनों को सीमित करने के लिए पट्टिका खींचने, भारी वाहनों की आवाजाही के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने और दुकानों के बाहर फड़ नहीं लगवाने के सुझाव दिए।
बैठक में ये रहे मौजूद
पूर्व सांसद हरपाल साथी, मेयर गौरव गोयल, नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला, सीओ विवेक कुमार, सहायक नगर आयुक्त एसके गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद कश्यप, कमल चावला, महानगर अध्यक्ष धीर सिंह, नवीन गुलाटी, रामगोपाल कंसल, अमित अग्रवाल, साजिद मलिक, सौरभ सिंघल, मुमताज नकवी, भरत कपूर, नरेश यादव आदि।
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पार्किंग है नहीं तो वाहन कहां खड़ा करें
शहर में जाम और अतिक्रमण पर खूब चर्चा होती है लेकिन पार्किंग जैसी जरूरी सुविधा विकसित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। जबकि, तीन साल पहले मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत शहर में एक मल्टी पर्किंग स्टोरी की योजना स्वीकृत है। बैठक में व्यापारियों ने कुछ ऐसे ही सवाल उठाए। कहा कि पुलिस बाजारों में खड़े होने वाले वाहनों का चालान करेगी लेकिन सवाल यह है कि पार्किंग स्थल चिह्नित नहीं हैं। ऐसे में वाहनों को कहां खड़ा किया जाए। इस पर सीओ विवेक कुमार ने जल्द ही पार्किंग निर्धारित करने की बात कही।
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वेंडिंग जोन बनाने पर नहीं जोर, सर्वे पर भी मौन
शहर में पांच सालों से वेंडिंग जोन की कवायद पूरी नहीं हो पाई है। रेहड़ी वालों के खड़े होने के लिए कोई जगह चिह्नित नहीं है, न ही वेंडिंग जोन बनाकर सुविधाएं दी जा रही हैं। अब निगम प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू कर दी है। ऐसे में फिर से रेहड़ी वालों पर डंडा चलेगा। इसे लेकर वेंडर्स एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सवाल उठाए। एसोसिएशन के मुमताज अब्बास नकवी ने कहा कि पहले बड़ों पर कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन पहले रेहड़ी वालों पर डंडा चलता है। इस पर नगर आयुक्त ने सभी पर समान कार्रवाई की बात कही। कहा कि केवल ठेले ही नहीं स्थायी अतिक्रमण भी हटेगा। प्रदेश अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने वेंडिंग जोन बनाने और सभी वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन करने के लिए सर्वे कराने की मांग की. लेकिन वेंडिंग जोन और वेडरों का सर्वे कराने पर किसी ने प्रतिक्रिया नहीं दी।
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...फिर ई-रिक्शा और गाड़ियों को भी हटवा दो
शहर में कई वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। वेंडर्स एसोसिएशन ने फेरी नीति के तहत पांच वर्ष में वेंडरों का सर्वे कराने और छूटे वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन करने की बात कही। मांग उठाई कि जिन वेंडर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, उनको जबरन न हटाया जाए। आयुक्त ने कहा कि शहर की क्षमता के हिसाब से ही वेंडर्स को अनुमति दी जाएगी। इस पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सवाल किया कि शहर में ई-रिक्शा और कार की संख्या क्षमता से अधिक हो तो फिर उन्हें भी हटाया जाना चाहिए।
खुशहाली के साथ अतिक्रमण भी आया
व्यापारी नेता रामगोपाल कंसल और प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष धीर सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते कई बार व्यापारियों में खुशहाली आई है और इसी के साथ ही अतिक्रमण की समस्या भी आ रही है। उन्होंने अतिक्रमण हटाने से पहले व्यापारियों को जागरूक करने के लिए समय मांगा। साथ ही कहा कि नेहरू स्टेडियम से बीएसएम तिराहे तक बने अनगिनत गड्ढों से गुजरते समय पेट में दर्द हो जाता है।
सीओ विवेक कुमार ने समस्याएं बताई और समाधान भी
सीओ विवेक कुमार ने कहा कि एक व्यापारी या सामान्य व्यक्ति के अतिक्रमण से सैकड़ों लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में अतिक्रमण हटाना पूरे समाज के लिए जरूरी है। शहर के जिन पुराने बाजारों में अतिक्रमण के चलते पहुंचने में दिक्कत आती है, वहां आने वाले समय में अतिक्रमण और जाम के चलते ही लोग जाने से कतराने लगेंगे। इससे व्यापारियों का ही नुकसान होगा। उन्होंने देहरादून के पलटन बाजार और चंडीगढ़ के रेहड़ी मार्केट मॉडल का जिक्र किया। इसके तहत सड़क किनारे वाहनों को सीमित करने के लिए पट्टिका खींचने, भारी वाहनों की आवाजाही के लिए अलग-अलग समय निर्धारित करने और दुकानों के बाहर फड़ नहीं लगवाने के सुझाव दिए।
बैठक में ये रहे मौजूद
पूर्व सांसद हरपाल साथी, मेयर गौरव गोयल, नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला, सीओ विवेक कुमार, सहायक नगर आयुक्त एसके गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद कश्यप, कमल चावला, महानगर अध्यक्ष धीर सिंह, नवीन गुलाटी, रामगोपाल कंसल, अमित अग्रवाल, साजिद मलिक, सौरभ सिंघल, मुमताज नकवी, भरत कपूर, नरेश यादव आदि।