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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Roorkee News ›   The committee issued 35 thousand quintals of sugarcane demand

समिति ने 35 हजार क्विंटल गन्ने की डिमांड जारी की

Sat, 23 Jan 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Sat, 23 Jan 2016 12:18 AM IST
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रुड़की। बाहरी गन्ने की खरीद के आरोप लगाकर समिति की ओर से रोका गया मिल का इंडेंट शुक्रवार को फैक्ट्री अधिकारियों संग बैठक के बाद जारी कर दिया गया। समिति की ओर से करीब 35 हजार क्विंटल गन्ने की डिमांड रोक दी गई थी।

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इकबालपुर शुगर मिल में किसानों के गन्ने की सप्लाई इकबालपुर गन्ना विकास समिति के माध्यम से होती है, लेकिन बृहस्पतिवार को गन्ना विकास समिति के  चेयरमैन महावीर सिंह ने यह कहते हुए मिल की डिमांड पर रोक लगा दी थी कि फैक्ट्री स्थानीय किसानों से गन्ना खरीदने के बजाए बाहरी किसानों से गन्ना खरीद रहा है। उनका कहना था कि जब मिल को स्थानीय किसानों के गन्ने की आवश्यकता ही नहीं है तो बाहर के गन्ने से ही मिल को चला लिया जाए। चेयरमैन के इस कदम से मिल के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए थे। पहले से ही नो-केन की समस्या से जूझ रही फैक्ट्री को चलाने का संकट मिल प्रबंधन के सामने खड़ा हो गया था। आखिर मिल के अधिकारियों ने शुक्रवार को चेयरमैन महावीर सिंह समेत बोर्ड के सदस्यों से आपातकालीन बैठक की। बोर्ड बैठक में मिल के अधिकारियों ने तर्क दिया कि वह कोई भी बाहरी गन्ना नहीं खरीद रहे हैं। स्थानीय किसानों का गन्ना ही खरीदा जा रहा है। फैक्ट्री प्रबंधन ने ऐसे तमाम दस्तावेज समिति पदाधिकारियों के सामने पेश किए। मिल की ओर से बाहरी गन्ना नहीं खरीदे जाने के आश्वासन पर समिति पदाधिकारी मान गए और इंडेंट जारी कर दिया। गन्ना समिति समिति सचिव प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि रोकी गई गन्ना खरीद की पर्चियां जारी कर दी गई हैं जो किसानों के पास पहुंच जाएंगी।
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