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चुनावी सीजन में रुड़की जेल में बढ़ा बंदियों का बोझ
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विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ऐसे में चुनाव में खलल डालने की आशंका वालों के खिलाफ पुलिस बड़े पैमाने पर निरोधात्मक कार्रवाई कर रही है। इस कारण रुड़की उपकारागार में तीन गुना से अधिक बंदी हो गए हैं। चुनाव होने तक बंदियों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। बंदियों की संख्या बढ़ने से जेल प्रशासन की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।
रुड़की उपकारागार पहले से ही ज्यादा बंदियों की संख्या ज्यादा है। अब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर की जा रही कार्रवाई में जेल पर बंदियों का बोझ और बढ़ गया है। जेल में 244 के सापेक्ष वर्तमान में 629 से ज्यादा बंदी हैं। सूत्रों का कहना है कि जेल में बंदियों के लिए सोने के लिए पर्याप्त जगह तक नहीं है। जेल में जगह कम होने पर उन्हें होना पड़ रहा है। ऐसे में जेल प्रशासन के सामने भी बंदियों की संख्या बढ़ने से परेशानी खड़ी हो गई है। जेल प्रशासन की ओर से बंदियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। इसके लिए दिनरात जेल का स्टाफ बंदियों पर पैनी नजर रख रहा है। जेल में कोई हादसा न हो जाए, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मिलाई पर भी लगी है रोक
कोरोना के चलते जेल में कैद बंदियों की परिजनों से मिलाई पर भी रोक लगी है। ऐसे में बंदियों को परिजनों से बाहर से कुछ सामान जेल के अंदर मंगवाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, माना जा रहा है कि कोरोना का प्रकोप कुछ कम होने के बाद ही मिलाई का काम शुरू हो पाएगा। ऐसे में बंदियों और उनके परिजनों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।
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जेल में 244 क्षमता के सापेक्ष वर्तमान में 629 बंदी हैं। जेल प्रशासन की ओर से बंदियों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। साथ ही बंदियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। जेल में बंदियों के लिए खाने-पीने और सोने की पूरी व्यवस्था की गई है।-जेपी द्विवेदी, जेलर, रुड़की
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रुड़की उपकारागार पहले से ही ज्यादा बंदियों की संख्या ज्यादा है। अब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर की जा रही कार्रवाई में जेल पर बंदियों का बोझ और बढ़ गया है। जेल में 244 के सापेक्ष वर्तमान में 629 से ज्यादा बंदी हैं। सूत्रों का कहना है कि जेल में बंदियों के लिए सोने के लिए पर्याप्त जगह तक नहीं है। जेल में जगह कम होने पर उन्हें होना पड़ रहा है। ऐसे में जेल प्रशासन के सामने भी बंदियों की संख्या बढ़ने से परेशानी खड़ी हो गई है। जेल प्रशासन की ओर से बंदियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। इसके लिए दिनरात जेल का स्टाफ बंदियों पर पैनी नजर रख रहा है। जेल में कोई हादसा न हो जाए, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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मिलाई पर भी लगी है रोक
कोरोना के चलते जेल में कैद बंदियों की परिजनों से मिलाई पर भी रोक लगी है। ऐसे में बंदियों को परिजनों से बाहर से कुछ सामान जेल के अंदर मंगवाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, माना जा रहा है कि कोरोना का प्रकोप कुछ कम होने के बाद ही मिलाई का काम शुरू हो पाएगा। ऐसे में बंदियों और उनके परिजनों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।
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जेल में 244 क्षमता के सापेक्ष वर्तमान में 629 बंदी हैं। जेल प्रशासन की ओर से बंदियों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। साथ ही बंदियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। जेल में बंदियों के लिए खाने-पीने और सोने की पूरी व्यवस्था की गई है।-जेपी द्विवेदी, जेलर, रुड़की