खानपुर के सत्तर वर्षीय एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने नौकरी की शुरुआत से लेकर अब तक क्षेत्र में छह हैंडपंप लगाए हैं। क्षेत्र में वह मास्टर आसाराम प्याऊ के नाम से विख्यात हैं।
खानपुर गांव निवासी आसाराम वर्ष 1961 में शिक्षा विभाग में बतौर शिक्षक के रूप में भर्ती हुए थे। वह तब से क्षेत्र में पेयजल समस्या को देखते हुए हैंडपंप लगा रहे हैं। वर्ष 1968 में मास्टर आसाराम ने लक्सर-खानपुर मार्ग पर डबल पुलिया के पास अपनी पत्नी दौलती देवी की प्रेरणा से सबसे पहला हैंडपंप स्थापित कराया था। उस समय उन्हें 54 रुपये वेतन मिलता था और हैंडपंप पचास रुपये में लगा था। बताया कि खानपुर लक्सर मार्ग पर डबल पुलिया के पास, खानपुर हस्तमौली मार्ग पर, जटाशंकर महादेव मंदिर परिसर में, बादशाहपुर गांव के जंगल में,इदरीशपुर के जंगल में, खानपुर के श्मशान घाट पर हैंडपंप स्थापित कराए थे। मास्टर आसाराम बताते हैं कि वह अब भी अपनी पेंशन से 25 फीसदी पैसा हैंडपंपों की मरम्मत कराने में खर्च करते हैं। बताया कि उनका सपना समाज सेवा है, ताकि समाज में भाईचारा बढ़ सके। संवाद