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शुगर मिलें कर्जदार, किसान परेशान
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रुड़की। शुगर मिलों के पेराई सत्र को समाप्त हुए चार माह का समय गुजर गया है, वहीं दो महीने बाद नया सत्र शुरू हो जाएगा, लेकिन आज भी शुगर मिलें तीन सौ दो करोड़ की किसानों की कर्जदार हैं। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है। किसान संगठन भुगतान को लेकर आंदोलन की राह पर हैं।
जिले में लक्सर, इकबालपुर व लिब्बरहेड़ी तीन शुगर मिलें हैं, जो अपना 2018-19 का पेराई सत्र अप्रैल में पूरा चुके थे। शुगर मिलें पेराई सत्र के दौरान थोड़ा-थोड़ा भुगतान करती रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी शुगर मिलों पर तीन सौ दो करोड़ रुपये बकाया है। तीनों शुगर मिलों में सबसे खराब स्थिति इकबालपुर शुगर मिल की है। इकबालपुर शुगर मिल पर तो दो साल का करीब 181 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि लक्सर और लिब्बरहेड़ी पर विगत सत्र का ही भुगतान बकाया है। शुगर मिलों का पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी थोड़ा-थोड़ा भुगतान जारी होता रहा है। किसान भुगतान की गति को बढ़ाने के लिए समय-समय पर मांग करते आ रहे हैं। शुगर मिलों की आरसी जारी होने, मुकदमा दर्ज, रिसीवर नियुक्त होने आदि की कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों व प्रशासन के अधिकारियों की सख्ती के बाद भी शुगर मिलों का रवैया जस के तस है। ऐसे में किसान एक बार फिर से आंदोलन की राह पकड़ते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अक्तूबर के अंत में शुगर मिलों द्वारा नया पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
क्या है भुगतान की स्थिति
शुगर मिल भुगतान की तिथि बकाया
लक्सर (2018-19) 31 मार्च 57 करोड़
इकबालपुर (2017-18) 20 फरवरी 72 करोड़
इकबालपुर (2018-19) चार जनवरी 109 करोड़
लिब्बरहेड़ी (2018-19) दस मार्च 64 करोड़
इकबालपुर शुगर मिल द्वारा दो साल का करीब दो सौ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। यदि दो साल तक अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाए तो पता चलेगा कि किसानों का घर कैसे चलता है। जल्द ही भुगतान की समस्या को लेकर रुड़की में रेलवे रोको आंदोलन शुरू किया जा रहा है, जिसकी तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।
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-गुलशन रोड, राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तराखंड किसान मोर्चा
भुगतान को लेकर हाल ही में धरना प्रदर्शन जेएम के कार्यालय पर किया गया था। भुगतान की समस्या को लेकर जिलाधिकारी से समय मांगा गया है। वहीं जिलाधिकारी से समस्या के हल को लेकर वार्ता की जाएगी। यदि फिर भी समस्या का हल नहीं होता है तो आंदोलन किया जाएगा।
-राकेश अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मजदूर संगठन सोसायटी
विभागीय अधिकारियों द्वारा इकबालपुर शुगर मिल की आरसी जारी की गई। वहीं गोदाम सील कर दिए गए, लेकिन यह समस्या का हल नहीं हुआ है। अब शुगर मिल को अच्छा बहाना मिल रहा है कि कैसे भुगतान करें। लिहाजा प्रशासन शुगर मिल में पड़ी चीनी की नीलामी करे और किसानों का भुगतान कराए। 19 अगस्त के बाद भुगतान को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
-विजय शास्त्री, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
शुगर मिल में पड़ी चीनी पर पहला हक किसान का है। प्रशासन चीनी की बिक्री कर किसानों का भुगतान कराए।
-कटार सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान क्लब
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जिले में लक्सर, इकबालपुर व लिब्बरहेड़ी तीन शुगर मिलें हैं, जो अपना 2018-19 का पेराई सत्र अप्रैल में पूरा चुके थे। शुगर मिलें पेराई सत्र के दौरान थोड़ा-थोड़ा भुगतान करती रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी शुगर मिलों पर तीन सौ दो करोड़ रुपये बकाया है। तीनों शुगर मिलों में सबसे खराब स्थिति इकबालपुर शुगर मिल की है। इकबालपुर शुगर मिल पर तो दो साल का करीब 181 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि लक्सर और लिब्बरहेड़ी पर विगत सत्र का ही भुगतान बकाया है। शुगर मिलों का पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी थोड़ा-थोड़ा भुगतान जारी होता रहा है। किसान भुगतान की गति को बढ़ाने के लिए समय-समय पर मांग करते आ रहे हैं। शुगर मिलों की आरसी जारी होने, मुकदमा दर्ज, रिसीवर नियुक्त होने आदि की कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन विभागीय अधिकारियों व प्रशासन के अधिकारियों की सख्ती के बाद भी शुगर मिलों का रवैया जस के तस है। ऐसे में किसान एक बार फिर से आंदोलन की राह पकड़ते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अक्तूबर के अंत में शुगर मिलों द्वारा नया पेराई सत्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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क्या है भुगतान की स्थिति
शुगर मिल भुगतान की तिथि बकाया
लक्सर (2018-19) 31 मार्च 57 करोड़
इकबालपुर (2017-18) 20 फरवरी 72 करोड़
इकबालपुर (2018-19) चार जनवरी 109 करोड़
लिब्बरहेड़ी (2018-19) दस मार्च 64 करोड़
इकबालपुर शुगर मिल द्वारा दो साल का करीब दो सौ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। यदि दो साल तक अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाए तो पता चलेगा कि किसानों का घर कैसे चलता है। जल्द ही भुगतान की समस्या को लेकर रुड़की में रेलवे रोको आंदोलन शुरू किया जा रहा है, जिसकी तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।
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-गुलशन रोड, राष्ट्रीय अध्यक्ष, उत्तराखंड किसान मोर्चा
भुगतान को लेकर हाल ही में धरना प्रदर्शन जेएम के कार्यालय पर किया गया था। भुगतान की समस्या को लेकर जिलाधिकारी से समय मांगा गया है। वहीं जिलाधिकारी से समस्या के हल को लेकर वार्ता की जाएगी। यदि फिर भी समस्या का हल नहीं होता है तो आंदोलन किया जाएगा।
-राकेश अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मजदूर संगठन सोसायटी
विभागीय अधिकारियों द्वारा इकबालपुर शुगर मिल की आरसी जारी की गई। वहीं गोदाम सील कर दिए गए, लेकिन यह समस्या का हल नहीं हुआ है। अब शुगर मिल को अच्छा बहाना मिल रहा है कि कैसे भुगतान करें। लिहाजा प्रशासन शुगर मिल में पड़ी चीनी की नीलामी करे और किसानों का भुगतान कराए। 19 अगस्त के बाद भुगतान को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
-विजय शास्त्री, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत
शुगर मिल में पड़ी चीनी पर पहला हक किसान का है। प्रशासन चीनी की बिक्री कर किसानों का भुगतान कराए।
-कटार सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान क्लब