{"_id":"604fa78d8ebc3ee64c6c1026","slug":"strike-in-banks-against-privatization-roorkee-news-drn373761818","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजीकरण के विरोध में बैंकों में हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजीकरण के विरोध में बैंकों में हड़ताल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की। राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के सरकार के फैसले के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीएयू) के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल कर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही बाइक रैली निकालकर निजी बैंकों से भी आंदोलन में सहयोग की अपील की। इस दौरान बैंक बंद रहने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोमवार को निजीकरण के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंकों में हड़ताल की। साथ ही बीटी गंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर यूएफबीएयू के बैनर तले एकत्रित हुए और बैंकों के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। यूएफबीएयू के संयोजक अनिल अग्निहोत्री ने कहा कि निजीकरण से बैंक कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी नुकसान होगा। बैंक कर्मचारी नेता मन्नू माकिन ने कहा कि आज केंद्र सरकार सारे पब्लिक सेक्टर्स को बेचने में लगी है। चाहे वह रेलवे हो या एलआईसी या फिर बैंकों का निजीकरण। गुंजन मिश्रा और राकेश सैनी ने कहा कि सरकार की ओर से इस लिया गया यह फैसला गलत है, जिसे वापस लेना चाहिए।
बीके गुप्ता ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है, इसके लिए वह खेद जताते हैं, लेकिन बैंकों का निजीकरण केवल कर्मचारियों के लिए नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी नुकसानदायक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी बैंक कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की। इसके बाद बैंक कर्मचारियों की ओर से शहर में बाइक रैली निकालकर निजी बैंक कर्मचारियों से भी हड़ताल में सहयोग की अपील की गई। साथ ही निजी बैंकों की शाखाओं को बंद कराया। इस दौरान राकेश सैनी, अनिल बजाज, अर्जुन गुप्ता, विपिन मलिक, कुलदीप सिंह, अर्जुन गांधी, निधि अग्रवाल, कपिल, पवन, पीयूष, सुरेश, तरुण त्यागी, कैप्टन सरकार, कुलवंत, मनोज खुराना मौजूद रहे।
विज्ञापन
--
200 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं। सोमवार को एचडीएफसी बैंक के अलावा सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। इससे लेनदेन भी प्रभावित रहा। यूनियन के क्षेत्रीय सचिव विशाल गुप्ता ने बताया कि बैंकों में हड़ताल से सोमवार को रुड़की क्षेत्र में 200 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित रहा है। वहीं, शहर के अधिकतर एटीएम भी बंद रहे, जिससे उपभोक्ताओं को नकदी के लिए भटकना पड़ा। कुछेक एटीएम खुले थे, लेकिन यहां लोगों की लंबी लाइन लगी थी। लिहाजा लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग एटीएम से नकदी निकालने के लिए शहर के एटीएम के चक्कर काटते रहे।
विज्ञापन
सोमवार को निजीकरण के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैंकों में हड़ताल की। साथ ही बीटी गंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के बाहर यूएफबीएयू के बैनर तले एकत्रित हुए और बैंकों के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। यूएफबीएयू के संयोजक अनिल अग्निहोत्री ने कहा कि निजीकरण से बैंक कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी नुकसान होगा। बैंक कर्मचारी नेता मन्नू माकिन ने कहा कि आज केंद्र सरकार सारे पब्लिक सेक्टर्स को बेचने में लगी है। चाहे वह रेलवे हो या एलआईसी या फिर बैंकों का निजीकरण। गुंजन मिश्रा और राकेश सैनी ने कहा कि सरकार की ओर से इस लिया गया यह फैसला गलत है, जिसे वापस लेना चाहिए।
विज्ञापन
बीके गुप्ता ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है, इसके लिए वह खेद जताते हैं, लेकिन बैंकों का निजीकरण केवल कर्मचारियों के लिए नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के लिए भी नुकसानदायक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से भी बैंक कर्मचारियों का सहयोग करने की अपील की। इसके बाद बैंक कर्मचारियों की ओर से शहर में बाइक रैली निकालकर निजी बैंक कर्मचारियों से भी हड़ताल में सहयोग की अपील की गई। साथ ही निजी बैंकों की शाखाओं को बंद कराया। इस दौरान राकेश सैनी, अनिल बजाज, अर्जुन गुप्ता, विपिन मलिक, कुलदीप सिंह, अर्जुन गांधी, निधि अग्रवाल, कपिल, पवन, पीयूष, सुरेश, तरुण त्यागी, कैप्टन सरकार, कुलवंत, मनोज खुराना मौजूद रहे।
विज्ञापन
--
200 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं। सोमवार को एचडीएफसी बैंक के अलावा सभी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। इससे लेनदेन भी प्रभावित रहा। यूनियन के क्षेत्रीय सचिव विशाल गुप्ता ने बताया कि बैंकों में हड़ताल से सोमवार को रुड़की क्षेत्र में 200 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित रहा है। वहीं, शहर के अधिकतर एटीएम भी बंद रहे, जिससे उपभोक्ताओं को नकदी के लिए भटकना पड़ा। कुछेक एटीएम खुले थे, लेकिन यहां लोगों की लंबी लाइन लगी थी। लिहाजा लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग एटीएम से नकदी निकालने के लिए शहर के एटीएम के चक्कर काटते रहे।