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लक्सर होकर हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालु, रास्ते में झेली भारी मुसीबत
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मंगलौर बाइपास पर रुट डायवर्जन के लिए लगाए गए बैरिकेट पर लगा जाम।
- फोटो : ROORKEE
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सोमवती अमावस्या स्नान के लिए विभिन्न राज्यों से हाईवे पर वाहनों का रेला उमड़ पड़ा। वाहनों को मंगलौर बाईपास से सीधे हरिद्वार न भेजते हुए वाया लक्सर डायवर्ट कर दिया गया लेकिन इस मार्ग पर फाटक पड़ने और रास्ते में मार्ग के निर्माण कार्य के चलते जगह-जगह लंबा जाम लगा रहा। वहीं बाईपास से लक्सर तक पुलिस नदारद रही। ऐसे में लोग जाम को लेकर एक-दूसरे से उलझते रहे।
माना जा रहा था कि दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और मंगलौर बाईपास के फोरलेन होने से हरिद्वार व चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जाम से निजात मिल जाएगी। लेकिन सोमवती अमावस्या पर्व पर जो नजारा देखने को मिला उससे साफ हो गया है कि फोरलेन भी कम पड़ रहे हैं। रविवार को नारसन बॉर्डर पर हजारों की संख्या में वाहनों ने प्रवेश किया। यहां किसी प्रकार की कोई रोकटोक नहीं थी। इस कारण वाहन सरपट दौड़ते रहे लेकिन जैसे ही वाहन हरिद्वार जाने के लिए रुड़की से पहले मंगलौर बाईपास पर चढ़े तो थोड़ी दूर पर ही वाहनों को ब्रेक लग गया। उनकी परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। यहां से किसी तरह वाहनों को डायवर्ट कर लक्सर मार्ग की तरफ मोड़ा गया तो लक्सर तक पहुंचने में यात्रियों को पसीना बहाना पड़ा। इस मार्ग पर बसेड़ी फाटक के पास करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। वाहनों की तीन लेन लगने के कारण और भी परेशानी हुई। कभी वाहन रेंग-रेंगकर खिसकते दिखे तो कभी पूरी तरह से जाम लग गया। इन सबके बावजूद लक्सर से लेकर मंगलौर बाईपास के बीच यातायात संचालन के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। लोग आपस में उलझते रहे। वहीं मंगलौर बाईपास पर रूट डायवर्जन की जगह पुलिस और सीपीयू को वाहन स्वामियों को समझाने में ही काफी पसीना बहाना पड़ा। इसके अलावा लक्सर से लेकर ज्वालापुर और हरिद्वार तक जगह-जगह जाम ने श्रद्धालुओं को खूब परेशान किया।
40 मिनट के सफर में लगे दो घंटे
मंगलौर बाईपास से सीधे हरिद्वार जाने वाले रूट पर करीब 40 मिनट का समय लगता है। रूट डायवर्जन और जाम से यह दूरी दो घंटे से भी ज्यादा समय में तय हो पाई। लक्सर तक पहुंचने में ही यात्रियों को एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगा। इसके बाद ज्वालापुर तक विभिन्न चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रही।
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सड़क निर्माण के कारण सोलानी पुल पर जाम
मंगलौर बाईपास से निकलने के बाद लंढौरा तिराहे पर वाहनों जाम लगा रहा। यहां सड़कों के किनारे खड़े वाहनों के चलते भी यातायात बाधित होता रहा। इसके करीब दो किलोमीटर की दूरी पर सोलानी पुल के पास सड़क निर्माण कार्य जारी था जिसके कारण यहां वाहनों को रोक-रोककर गुजारा जा रहा था। इससे जाम की स्थिति बनी रही।
भारी वाहनों को बॉर्डर से लौटाया
नारसन। हरिद्वार में स्नान पर्व के मद्देनजर उमड़े तीर्थयात्रियों के चलते नारसन बॉर्डर से भारी वाहनों को लौटा दिया गया। इस दौरान वाहन चालकों की नोकझोंक भी हुई। कुछ वाहन लौट गए तो कुछ वाहनों ने बॉर्डर से पहले सड़कों के किनारे अपने वाहनों को खड़ा कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, आवश्यक वस्तुओं को लेकर जा रहे भारी वाहनों को नारसन से वाया पुहाना की ओर डायवर्ट किया गया। इस रास्ते से वाहनों को देहरादून और हरिद्वार की ओर भेजा गया। संवाद
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माना जा रहा था कि दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और मंगलौर बाईपास के फोरलेन होने से हरिद्वार व चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जाम से निजात मिल जाएगी। लेकिन सोमवती अमावस्या पर्व पर जो नजारा देखने को मिला उससे साफ हो गया है कि फोरलेन भी कम पड़ रहे हैं। रविवार को नारसन बॉर्डर पर हजारों की संख्या में वाहनों ने प्रवेश किया। यहां किसी प्रकार की कोई रोकटोक नहीं थी। इस कारण वाहन सरपट दौड़ते रहे लेकिन जैसे ही वाहन हरिद्वार जाने के लिए रुड़की से पहले मंगलौर बाईपास पर चढ़े तो थोड़ी दूर पर ही वाहनों को ब्रेक लग गया। उनकी परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। यहां से किसी तरह वाहनों को डायवर्ट कर लक्सर मार्ग की तरफ मोड़ा गया तो लक्सर तक पहुंचने में यात्रियों को पसीना बहाना पड़ा। इस मार्ग पर बसेड़ी फाटक के पास करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। वाहनों की तीन लेन लगने के कारण और भी परेशानी हुई। कभी वाहन रेंग-रेंगकर खिसकते दिखे तो कभी पूरी तरह से जाम लग गया। इन सबके बावजूद लक्सर से लेकर मंगलौर बाईपास के बीच यातायात संचालन के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखाई दिया। लोग आपस में उलझते रहे। वहीं मंगलौर बाईपास पर रूट डायवर्जन की जगह पुलिस और सीपीयू को वाहन स्वामियों को समझाने में ही काफी पसीना बहाना पड़ा। इसके अलावा लक्सर से लेकर ज्वालापुर और हरिद्वार तक जगह-जगह जाम ने श्रद्धालुओं को खूब परेशान किया।
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40 मिनट के सफर में लगे दो घंटे
मंगलौर बाईपास से सीधे हरिद्वार जाने वाले रूट पर करीब 40 मिनट का समय लगता है। रूट डायवर्जन और जाम से यह दूरी दो घंटे से भी ज्यादा समय में तय हो पाई। लक्सर तक पहुंचने में ही यात्रियों को एक से डेढ़ घंटे तक का समय लगा। इसके बाद ज्वालापुर तक विभिन्न चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रही।
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सड़क निर्माण के कारण सोलानी पुल पर जाम
मंगलौर बाईपास से निकलने के बाद लंढौरा तिराहे पर वाहनों जाम लगा रहा। यहां सड़कों के किनारे खड़े वाहनों के चलते भी यातायात बाधित होता रहा। इसके करीब दो किलोमीटर की दूरी पर सोलानी पुल के पास सड़क निर्माण कार्य जारी था जिसके कारण यहां वाहनों को रोक-रोककर गुजारा जा रहा था। इससे जाम की स्थिति बनी रही।
भारी वाहनों को बॉर्डर से लौटाया
नारसन। हरिद्वार में स्नान पर्व के मद्देनजर उमड़े तीर्थयात्रियों के चलते नारसन बॉर्डर से भारी वाहनों को लौटा दिया गया। इस दौरान वाहन चालकों की नोकझोंक भी हुई। कुछ वाहन लौट गए तो कुछ वाहनों ने बॉर्डर से पहले सड़कों के किनारे अपने वाहनों को खड़ा कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, आवश्यक वस्तुओं को लेकर जा रहे भारी वाहनों को नारसन से वाया पुहाना की ओर डायवर्ट किया गया। इस रास्ते से वाहनों को देहरादून और हरिद्वार की ओर भेजा गया। संवाद