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एसआईटी ने केस स्टडी की पूरी, अब दर्ज होंगे बयान
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एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम) ने डाडा जलालपुर में बवाल प्रकरण की केस स्टडी पूरी कर ली है। पुलिस की ओर से की गई जांच के हर पहलू पर एसआईटी ने स्टडी की है। माना जा रहा है कि एसआईटी की टीम तीन दिन के अंदर गांव पहुंचकर ग्रामीणों से घटना की पूरी जानकारी लेगी। साथ ही गांव में कुछ नए साक्ष्यों की भी खोज करेगी। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने भी एसआईटी को मामले की गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
भगवानपुर क्षेत्र के गांव डाडा जलालपुर में 16 अप्रैल की रात हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्रा के दौरान पथराव के साथ आगजनी की घटना हुई थी। बवाल शांत करने के लिए रात में ही जिलाधिकारी और एसएसपी ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। साथ ही किसी तरह दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया था। गांव समेत आसपास तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। मामले में डीजीआईजी करण सिंह नगन्याल ने भी गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। साथ ही पुलिस को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले में पुलिस ने 13 नामजद और 40 अज्ञात पर केस दर्ज किया था। साथ ही नामजद लोगों को जेल भेज दिया था। वहीं काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती के हिंदू महापंचायत के एलान के बाद मामला गंभीर हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए महापंचायत न होने के आदेश शासन-प्रशासन को दिए थे। इसके बाद महापंचायत को पुलिस अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए टाल दिया था। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह कर रहे थे। हाल ही में मामले की जांच एसआईटी प्रभारी निरीक्षक चंद्र चंद्राकर नैथान को सौंपी गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बवाल प्रकरण की केस डायरी पूरी स्टडी कर ली है। दो से तीन दिन के भीतर गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही नए सिरे से हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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भगवानपुर क्षेत्र के गांव डाडा जलालपुर में 16 अप्रैल की रात हनुमान जन्मोत्सव पर शोभायात्रा के दौरान पथराव के साथ आगजनी की घटना हुई थी। बवाल शांत करने के लिए रात में ही जिलाधिकारी और एसएसपी ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। साथ ही किसी तरह दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया था। गांव समेत आसपास तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। मामले में डीजीआईजी करण सिंह नगन्याल ने भी गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। साथ ही पुलिस को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले में पुलिस ने 13 नामजद और 40 अज्ञात पर केस दर्ज किया था। साथ ही नामजद लोगों को जेल भेज दिया था। वहीं काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती के हिंदू महापंचायत के एलान के बाद मामला गंभीर हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए महापंचायत न होने के आदेश शासन-प्रशासन को दिए थे। इसके बाद महापंचायत को पुलिस अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए टाल दिया था। मामले की जांच प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह कर रहे थे। हाल ही में मामले की जांच एसआईटी प्रभारी निरीक्षक चंद्र चंद्राकर नैथान को सौंपी गई है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बवाल प्रकरण की केस डायरी पूरी स्टडी कर ली है। दो से तीन दिन के भीतर गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही नए सिरे से हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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