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शोधों को धरातल पर उतारना अहम
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Thu, 29 Sep 2016 11:43 PM IST
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्यअतिथि
- फोटो : amarujala
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सीबीआरआई में सीएसआईआर के 75वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने शोधों को धरातल पर उतारने की आवश्यकता जताई। इस दौरान भवन निर्माण के क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं होने पर चिंता जताई गई। साथ ही भवन निर्माण के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया।
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स्थापना दिवस के मुख्य अतिथि राजेश गोयल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हिंदुस्तान प्रीफैब लिमिटेड नई दिल्ली ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि भवन निर्माण के क्षेत्र में जो विकास होना चाहिए वह अभी तक नहीं हो सका है। ऐसे में भवन निर्माण से जुड़े वैज्ञानिकों की यह जिम्मेदारी भी है कि जो शोध किया जा रहा है उसे धरातल पर भी उतारा जा सके। यानी आमजन को उसका लाभ मिल सके।
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विशिष्ट अतिथि मैसूर के परियोजना निदेशक एमटी मंजुनाथ ने भवन निर्माण के क्षेत्र में सीबीआरआई के योगदान की सराहना की। वहीं सीबीआरआई के मुख्य वैज्ञानिक यादवेंद्र पांडेय ने समारोह का संचालन करते हुए संस्थान और सीएसआईआर की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। सीबीआरआई के निदेशक डा. एन गोपालकृष्णन ने कहा कि यह संस्थान के लिए आत्ममंथन और चिंतन का समय है।
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उन्होंने भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। इस दौरान सीबीआरआई के वार्षिक प्रतिवेदन और निर्माणिका का विमोचन भी किया गया। समारोह के अंत में 25 वर्ष पूरे कर चुके कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों और हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सुवीर सिंह, डा. गोपाल रंजन, डा. भीमसेन गुप्ता, डा. अतुल अग्रवाल, डीके सहगल आदि उपस्थित थे।