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Roorkee News: दरगाह साबिर पाक की प्रबंधक रजिया बेग को कारण बताओ नोटिस, वित्तीय अधिकार निलंबित

Fri, 07 Nov 2025 11:49 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 07 Nov 2025 11:49 PM IST
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Show cause notice to Dargah Sabir Pak manager Razia Baig, financial rights suspended
दरगाह साबिर पाक, पिरान कलियर की प्रबंधक रजिया बेग को गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उनके सभी वित्तीय अधिकार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
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मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड, देहरादून की 28 अक्तूबर 2025 की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जांच में यह पाया गया कि रजिया बेग के कार्यकाल में ठेकों की प्रक्रिया, धनराशि वसूली और लेखांकन व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, ई-निविदा की शर्तों का पालन किए बिना ठेके स्वीकृत किए गए और परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राशि वसूले बिना ठेकेदारों को चार्ज सौंपा गया जिससे दरगाह को प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान पहुंचा। दो ठेकेदारों से 10,88,578 की धनराशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है। वहीं ठेकेदारों से 2,33,98,999 की बकाया राशि की वसूली नहीं की गई जिसे जांच अधिकारी ने गंभीर लापरवाही बताया।
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इसके अलावा, दरगाह के बैंक खातों में दो लाख से अधिक की नकद राशि जमा कराई गई जो आयकर अधिनियम और विभागीय नियमों का उल्लंघन है। जांच में स्टॉक रजिस्टर और लेखा पुस्तकों में गड़बड़ी, नकद प्राप्तियों और वास्तविक आय में अंतर,ठेकेदारों की अनियमितताओं को छिपाने के प्रयास भी सामने आए हैं। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर जिलाधिकारी हरिद्वार ने उनके वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाते हुए यह भी निर्देश दिया है कि दरगाह से संबंधित कोई भी भुगतान, अनुबंध या नकद लेनदेन रजिया बैग के माध्यम से नहीं किया जाएगा।




दरगाह की समस्त वित्तीय एवं प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी अब संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की करेंगे। संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट ने आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नोटिस प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और संबंधित अभिलेखों सहित उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही एवं पद से हटाने की संस्तुति की जाएगी। साथ ही दरगाह को हुए वित्तीय नुकसान की वसूली की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।
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