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गुलदार के मुंह पर चादर डाल बचाई जान
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:47 PM IST
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लक्सर। सुबह-सुबह चादर ओढ़कर जंगल की ओर निकले मोहम्मदपुर निवासी ग्रामीण पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। लेकिन लहूलुहान ग्रामीण ने हिम्मत नहीं हारी। जैसे ही गुलदार दोबारा झपटने लगा उसने गुलदार के मुंह पर चादर डाली और खुद जैसे-तैसे जान बचाकर भाग निकला। घायल को भर्ती कर ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने गुलदार पकड़ने के लिए अभियान चलाया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया।
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लक्सर क्षेत्र के केहड़ा, ढांढेकी, अकौढ़ा, डोसनी, अहियापुर आदि गांव में पिछले दो माह से गुलदार देखा जा रहा है। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कई बार सूचना दी गई। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि गुलदार पकड़ने के लिए विभाग ठोस प्रयास नहीं कर रहा है। विभागीय टीम गांव पहुंचकर खानापूरी कर लौट जाती है। इसका खामियाजा सोमवार को मोहम्मदपुर निवासी प्रकाश को भुगतना पड़ा। सुबह करीब छह बजे ग्रामीण प्रकाश चादर ओढ़कर अपने घर से शौच के लिए जंगल की ओर निकला था। जैसे ही वह जंगल में पहुंचा उस पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया। इस दौरान वह लहूलुहान हो गया। लेकिन हिम्मत नहीं हारी। जैसे ही गुलदार दोबारा झपटने लगा प्रकाश ने उसके मुंह पर चादर डाल दी और किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। सूचना पर एकत्रित हुए ग्रामीणों ने जंगल में जाकर गुलदार की तलाश की, लेकिन कहीं नजर नहीं आया। इसी बीच सूचना पर गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने मामले की जानकारी ली और ग्रामीण को लेकर लक्सर सीएचसी पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी दिगंबर भारती ने बताया कि घायल प्रकाश को लक्सर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। गुलदार पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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नहीं मिला रेबीज का इंजेक्शन
वन विभाग के अधिकारी ग्रामीण प्रकाश को लेकर लक्सर सीएचसी पहुंचे तो अस्पताल में रेबीज के इंजेक्शन ही उपलब्ध नहीं थे। उसके बाद डाक्टरों ने इंजेक्शन बाहर से मंगाया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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