{"_id":"584c32654f1c1be15944b9d7","slug":"sabir-pak-kneels-on-the-forehead-are-away-pain","type":"story","status":"publish","title_hn":"साबिर पाक पर मत्था टेकते ही दूर होते हैं दुख-दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साबिर पाक पर मत्था टेकते ही दूर होते हैं दुख-दर्द
अमर उजाला पिरान कलियर
Updated Sat, 10 Dec 2016 10:20 PM IST
विज्ञापन
Kalam presented on the occasion of Urs at Dargah Kaliyar Shufiyana Qawwal.
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ऐसी मान्यता है कि देश- विदेश से आने वाले अकीदतमंदों की साबिर पाक की दरगाह पर मत्था टेकते ही सभी दु:ख दर्द दूर हो जाते हैं। मन में पूरी पाकीजगी के लिए जायरीनों के जत्थे यहां आते हैं। रुहानी सुकून, भाईचारगी और पुरअमनी से लबरेज होकर यहां से जाते हैं। इस दौरान मुल्क के दीगर हिस्सों से आए कव्वाल अपने कलामों से पूरे माहौल को सूफियाना बना देते हैं।
साबिर पाक के उर्स के मौके पर कई जगहों से कव्वाल पहुंचते हैं। मजारे मुकद्दस के इर्द गिर्द मुख्तलिफ मकामात पर मुख्तलिफ वक्तों में उर्स के दिनों में बराबर कव्वाली होती रहती है। इन कव्वालियों में ज्यादातर हजरत साबिर पाक और सिलसिला चिश्तिया की तारीफ में अशआर व कलाम पढ़े जाते हैं। इन कव्वालियों में इतना रस घुला होता है कि हर कोई उसमे डूबा नजर आता है। साबिर पाक की खिदमत में अकीदतमंद अपना सर झुका रहे हैं। 11 दिसंबर को पडने वाली छोटी रोशनी में शरीक होने के लिए कलियर शरीफ में जायरीनों का जत्था उमड़ने लगा है। हजारों अकीदतमंद लाइन में लगकर साबिर पाक की दरगाह पर चादर चढ़ाकर अमनों अमान की दुआ मांग रहे हैं।
पाक जायरीनों ने पेश की खराजे अकीदत
साबिर पाक के सालाना उर्स पर पाक जायरीनों ने शनिवार को दरगाह अब्दाल साहब व शाह मंजर एजाज साबरी के मजार पर चादर पेश कर खराजे अकीदत पेश किया। नायब सज्जादा नशीन शाह अली मंजर एजाज ने अमनों अमान की दुआ करते हुए सभी पाक जायरीनों की दस्तार बंदी की। सभी पाक जायरीनों ने इस मौके पर दोनों मुल्कों के बीच अमनों अमान के लिए भी दुआ की। इस अवसर पर यावर अली एजाज, शाह सुहैल, नोमी इरशाद, गुड्डू साबरी, यासिर एजाज, बब्बू शाह, राजी मियां एवं गाजी मियां आदि उपस्थित रहे।
साबिर पाक के उर्स के मौके पर कई जगहों से कव्वाल पहुंचते हैं। मजारे मुकद्दस के इर्द गिर्द मुख्तलिफ मकामात पर मुख्तलिफ वक्तों में उर्स के दिनों में बराबर कव्वाली होती रहती है। इन कव्वालियों में ज्यादातर हजरत साबिर पाक और सिलसिला चिश्तिया की तारीफ में अशआर व कलाम पढ़े जाते हैं। इन कव्वालियों में इतना रस घुला होता है कि हर कोई उसमे डूबा नजर आता है। साबिर पाक की खिदमत में अकीदतमंद अपना सर झुका रहे हैं। 11 दिसंबर को पडने वाली छोटी रोशनी में शरीक होने के लिए कलियर शरीफ में जायरीनों का जत्था उमड़ने लगा है। हजारों अकीदतमंद लाइन में लगकर साबिर पाक की दरगाह पर चादर चढ़ाकर अमनों अमान की दुआ मांग रहे हैं।
विज्ञापन
पाक जायरीनों ने पेश की खराजे अकीदत
साबिर पाक के सालाना उर्स पर पाक जायरीनों ने शनिवार को दरगाह अब्दाल साहब व शाह मंजर एजाज साबरी के मजार पर चादर पेश कर खराजे अकीदत पेश किया। नायब सज्जादा नशीन शाह अली मंजर एजाज ने अमनों अमान की दुआ करते हुए सभी पाक जायरीनों की दस्तार बंदी की। सभी पाक जायरीनों ने इस मौके पर दोनों मुल्कों के बीच अमनों अमान के लिए भी दुआ की। इस अवसर पर यावर अली एजाज, शाह सुहैल, नोमी इरशाद, गुड्डू साबरी, यासिर एजाज, बब्बू शाह, राजी मियां एवं गाजी मियां आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन