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छत का प्लास्टर गिरा, एक छात्र घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
Updated Fri, 26 Aug 2016 11:22 PM IST
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कनखल में राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर 22 में शुक्रवार को छत का प्लास्टर गिरने से कक्षा तीन का एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। लहूलुहान छात्र को आनन- फानन में अस्पताल ले जाया गया। गहरा जख्म होने पर उसके सिर में टांके लगाने पड़े।
शहर में अधिकांश सरकारी प्राइमरी स्कूलों के भवन जर्जर हैं। ज्यादातर भवन 50 साल से ज्यादा पुराने होने से छात्र- छात्राओं और शिक्षकों के लिए खतरा बने हुए हैं। पिछले महीने अमर उजाला ने ऐसे स्कूलों से जुड़ी खबरों की श्रृंखला चलाते हुए सिस्टम को जगाने का प्रयास किया था। इस कड़ी में कनखल के राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर 22 का जिक्र भी किया गया था। शुक्रवार को आखिरकार आशंका सही साबित हुई। दोपहर के समय बच्चों पर अचानक छत से मलबा गिर पड़ा। इससे कक्षा में अफरा-तफरी मच गई। कक्षा तीन का एक छात्र सुनील के सिर से खून बहने लगा।
प्रधानाचार्य रमा वैश्य ने छात्र को तत्काल नजदीक के हॉस्पिटल ले जाकर मरहम पट्टी कराई। इसके बाद विभाग को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी। प्रधानाचार्य ने बताया कि सुनील के सिर में कई टांके लगाने पड़े हैं।
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किराये के भवन में चल रहा स्कूल
शहर में अधिकांश सरकारी प्राइमरी स्कूल किराये के भवनों में चल रहे हैं। कई बार भवन मालिक भी मरम्मत में रोड़ा अटकाते हैं। जबकि कुछ मकान मालिक बच्चों की जान पर खतरा देखकर इजाजत भी देते हैं तो विभाग की सुस्ती भारी पड़ती है। राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर 22 भी किराये के भवन में चल रहा है। अधिकारी स्कूल की दुर्दशा से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वर्षों से चली आ रही सड़ी गली व्यवस्था को ही ढोया जा रहा है।
प्राइमरी स्कूल में प्लास्टर गिरने से छात्र के चोटिल होने की जानकारी मिली है। स्कूल किराये के भवन में चल रहा है। इसकी पूरी जानकारी लेकर समुचित कदम उठाए जाएंगे।
- रामेंद्र कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) हरिद्वार
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शहर में अधिकांश सरकारी प्राइमरी स्कूलों के भवन जर्जर हैं। ज्यादातर भवन 50 साल से ज्यादा पुराने होने से छात्र- छात्राओं और शिक्षकों के लिए खतरा बने हुए हैं। पिछले महीने अमर उजाला ने ऐसे स्कूलों से जुड़ी खबरों की श्रृंखला चलाते हुए सिस्टम को जगाने का प्रयास किया था। इस कड़ी में कनखल के राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर 22 का जिक्र भी किया गया था। शुक्रवार को आखिरकार आशंका सही साबित हुई। दोपहर के समय बच्चों पर अचानक छत से मलबा गिर पड़ा। इससे कक्षा में अफरा-तफरी मच गई। कक्षा तीन का एक छात्र सुनील के सिर से खून बहने लगा।
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प्रधानाचार्य रमा वैश्य ने छात्र को तत्काल नजदीक के हॉस्पिटल ले जाकर मरहम पट्टी कराई। इसके बाद विभाग को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी। प्रधानाचार्य ने बताया कि सुनील के सिर में कई टांके लगाने पड़े हैं।
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किराये के भवन में चल रहा स्कूल
शहर में अधिकांश सरकारी प्राइमरी स्कूल किराये के भवनों में चल रहे हैं। कई बार भवन मालिक भी मरम्मत में रोड़ा अटकाते हैं। जबकि कुछ मकान मालिक बच्चों की जान पर खतरा देखकर इजाजत भी देते हैं तो विभाग की सुस्ती भारी पड़ती है। राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर 22 भी किराये के भवन में चल रहा है। अधिकारी स्कूल की दुर्दशा से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वर्षों से चली आ रही सड़ी गली व्यवस्था को ही ढोया जा रहा है।
प्राइमरी स्कूल में प्लास्टर गिरने से छात्र के चोटिल होने की जानकारी मिली है। स्कूल किराये के भवन में चल रहा है। इसकी पूरी जानकारी लेकर समुचित कदम उठाए जाएंगे।
- रामेंद्र कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) हरिद्वार