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कर्मचारियों के हकों पर नहीं डालने दिया जाएगा डाका
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सिंचाई विभाग के खाली आवासों को विभाग के कर्मचारियों को देने के बजाय बाहरी व्यक्तियों को देने के खिलाफ सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि कर्मचारियों के हकों पर पड़ने वाले डाके को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन महासचिव सतपाल सैनी ने बताया कि संगठन ने 11 नवंबर को सिंचाई विभाग की आवास आवंटन समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के बजाय नियम विरुद्ध बाहरी व्यक्तियों को आवास आवंटन पर कार्रवाई की मांग की गई लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उन्हें प्रदर्शन करने पर विवश होना पड़ा।
धरने का संचालन कर रहे प्रवीण गुसाईं ने कहा कि लगातार आवास आवंटन समिति और उच्चाधिकारी कर्मचारियों के हितों पर डाका डाल रहे हैं। इस संबंध में प्रांतीय पदाधिकारियों से वार्ता की गई तो उन्होंने आंदोलन को उग्र बनाने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस मौके पर श्रीकांत कुमार, अमरदीप, दान सिंह, अमित कुमार भारती, विनोद कुमार, प्रवेश कुमार, विजय सिंह, दीपक कुमार शर्मा, देवी सिंह, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
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विवाद के बाद अधिकारियों से मिली रश्मि चौधरी
समाजसेविका रश्मि चौधरी आवास आवंटन मामले को सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंची। वहां पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों को बताया कि महिला आयोग की सदस्य रहते हुए उन्हें सिंचाई विभाग का एक तृतीय तल पर आवास आवंटित हुआ था। उन्होंने अपने तृतीय तल वाले आवास को प्रथम तल पर लेने के लिए आवेदन किया था क्योंकि उनके पास विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रतिदिन आने वाली वृद्ध, विकलांग एवं बुजुर्ग महिलाओं को तृतीय तल पर आने-जाने में बड़ी कठिनाई होती है। उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधाओं के लिए जनप्रतिनिधियों को जो सिंचाई के विभाग के खाली पड़े आवास आवंटित किए गए हैं वह उचित हैं।
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संगठन महासचिव सतपाल सैनी ने बताया कि संगठन ने 11 नवंबर को सिंचाई विभाग की आवास आवंटन समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के बजाय नियम विरुद्ध बाहरी व्यक्तियों को आवास आवंटन पर कार्रवाई की मांग की गई लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उन्हें प्रदर्शन करने पर विवश होना पड़ा।
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धरने का संचालन कर रहे प्रवीण गुसाईं ने कहा कि लगातार आवास आवंटन समिति और उच्चाधिकारी कर्मचारियों के हितों पर डाका डाल रहे हैं। इस संबंध में प्रांतीय पदाधिकारियों से वार्ता की गई तो उन्होंने आंदोलन को उग्र बनाने में हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। इस मौके पर श्रीकांत कुमार, अमरदीप, दान सिंह, अमित कुमार भारती, विनोद कुमार, प्रवेश कुमार, विजय सिंह, दीपक कुमार शर्मा, देवी सिंह, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
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विवाद के बाद अधिकारियों से मिली रश्मि चौधरी
समाजसेविका रश्मि चौधरी आवास आवंटन मामले को सिंचाई विभाग कार्यालय पहुंची। वहां पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों को बताया कि महिला आयोग की सदस्य रहते हुए उन्हें सिंचाई विभाग का एक तृतीय तल पर आवास आवंटित हुआ था। उन्होंने अपने तृतीय तल वाले आवास को प्रथम तल पर लेने के लिए आवेदन किया था क्योंकि उनके पास विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रतिदिन आने वाली वृद्ध, विकलांग एवं बुजुर्ग महिलाओं को तृतीय तल पर आने-जाने में बड़ी कठिनाई होती है। उन्होंने बताया कि नागरिकों की सुविधाओं के लिए जनप्रतिनिधियों को जो सिंचाई के विभाग के खाली पड़े आवास आवंटित किए गए हैं वह उचित हैं।