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Roorkee News: रुड़की में धरने पर बैठे रोडवेज कर्मी, 13 बसों पर सिमटा संचालन
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उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने निगम के अस्तित्व की रक्षा और कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर शनिवार सुबह आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। यूनियन ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। कर्मियों के धरने से मात्र 13 बसों पर ही रोडवेज का संचालन सिमटकर रह गया। कार्यालय कामकाज से लेकर तकरीबन 15 से अधिक बसों के पहिये थम गए।
सुबह आठ बजे कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना शुरू कर दिया था। यूनियन की प्रमुख मांगों में नियमित होने तक उपनल के समान विशेष श्रेणी, संविदा, एजेंसी, चालक-परिचालक और विशेष श्रेणी तकनीकी कर्मचारियों को 30,447 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना शामिल है।
इसके अलावा प्रत्येक माह की सात तारीख से पहले वेतन देने, लंबित देयकों का तत्काल भुगतान करने और हिमाचल रोडवेज की तर्ज पर निगम को राजकीय कोष से वेतन देने की मांग उठाई गई है। यूनियन ने कुंभ मेले से पहले परिवहन निगम के बेड़े में कम से कम 500 नई बसें शामिल करने की भी मांग की है।
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यूनियन ने एजेंसी के माध्यम से कार्यरत चालक-परिचालकों और अन्य कर्मचारियों को निगम कर्मचारी घोषित करने, एजेंसी प्रथा समाप्त करने की मांग की है। साथ ही नियमित कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की भांति 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और विशेष श्रेणी व संविदा कर्मचारियों को भी एरियर सहित महंगाई भत्ते का लाभ देने की मांग की गई है।
कर्मचारियों के धरने से कामकाज प्रभावित होने के अलावा बसों का संचालन प्रभावित हो गया है। प्रदर्शन में संजय सैनी, हरेंद्र कुमार, महक सिंह, भानु प्रताप, अनिल कुमार, विजय कुमार, अमन शर्मा, आशीष कुमार, विपिन कुमार, अरुण कुमार और शिवम कुमार आदि शामिल रहे।
दिनभर यात्री रहे परेशान
रोडवेज कर्मचारियों के एक दिवसीय धरने में शामिल होने से एक तरफ जहां विभागीय कार्य प्रभावित रहा तो वहीं दूसरी ओर रुड़की से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, पंजाब, अंबाला, हरियाणा, दिल्ली, देहरादून और हरिद्वार आदि रूट पर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूपी की बसों के अलावा अन्य संसाधनों का यात्रियों को सहारा लेना पड़ा।
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सुबह आठ बजे कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना शुरू कर दिया था। यूनियन की प्रमुख मांगों में नियमित होने तक उपनल के समान विशेष श्रेणी, संविदा, एजेंसी, चालक-परिचालक और विशेष श्रेणी तकनीकी कर्मचारियों को 30,447 रुपये प्रतिमाह का भुगतान करना शामिल है।
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इसके अलावा प्रत्येक माह की सात तारीख से पहले वेतन देने, लंबित देयकों का तत्काल भुगतान करने और हिमाचल रोडवेज की तर्ज पर निगम को राजकीय कोष से वेतन देने की मांग उठाई गई है। यूनियन ने कुंभ मेले से पहले परिवहन निगम के बेड़े में कम से कम 500 नई बसें शामिल करने की भी मांग की है।
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यूनियन ने एजेंसी के माध्यम से कार्यरत चालक-परिचालकों और अन्य कर्मचारियों को निगम कर्मचारी घोषित करने, एजेंसी प्रथा समाप्त करने की मांग की है। साथ ही नियमित कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों की भांति 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और विशेष श्रेणी व संविदा कर्मचारियों को भी एरियर सहित महंगाई भत्ते का लाभ देने की मांग की गई है।
कर्मचारियों के धरने से कामकाज प्रभावित होने के अलावा बसों का संचालन प्रभावित हो गया है। प्रदर्शन में संजय सैनी, हरेंद्र कुमार, महक सिंह, भानु प्रताप, अनिल कुमार, विजय कुमार, अमन शर्मा, आशीष कुमार, विपिन कुमार, अरुण कुमार और शिवम कुमार आदि शामिल रहे।
दिनभर यात्री रहे परेशान
रोडवेज कर्मचारियों के एक दिवसीय धरने में शामिल होने से एक तरफ जहां विभागीय कार्य प्रभावित रहा तो वहीं दूसरी ओर रुड़की से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, पंजाब, अंबाला, हरियाणा, दिल्ली, देहरादून और हरिद्वार आदि रूट पर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूपी की बसों के अलावा अन्य संसाधनों का यात्रियों को सहारा लेना पड़ा।